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बीएड पाठ्यक्रम को लेकर सीसीएसयू ने बनाई गाइडलाइन
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:47 AM IST
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परीक्षा की तैयारी
- फोटो : getty
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बीएड कोर्स को न तो कॉलेज ही और न ही छात्र गंभीरता से लेते हैं। जबकि यह ऐसा पाठ्यक्रम है जो सीधे बच्चों और देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसे देखते हुए ही सीसीएसयू ने बीएड पाठ्यक्रम को लेकर कुछ गाइड लाइन बनाई हैं।
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अब बीएड के विद्यार्थियों के लिए 80 फीसदी कक्षाएं लेना और स्कूल प्रशिक्षण में 90 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा एक सप्ताह में कम से कम 36 घंटे पढ़ाई जरूरी है।
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इसकी रिपोर्ट हर सप्ताह कॉलेज प्रबंधन को यूनिवर्सिटी भेजनी होगी। इससे छात्र-छात्राओं की उपस्थिति तो बढ़ेगी ही साथ ही अध्यापक भी इस कोर्स को गंभीरता से ले सकेंगे। यूनिवर्सिटी को लगातार शिकायत मिल रही थी कि बीएड कोर्स केवल खानापूर्ति के लिए चलाए जा रहे हैं न तो कक्षाएं चलती हैं और न ही प्रायोगिक परीक्षाओं का प्रशिक्षण कराया जाता है।
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सूचना न देने पर होगी कार्रवाई
बीएड दाखिलों की रिपोर्ट अभी तक अधिकतर कॉलेजों ने यूनिवर्सिटी को मुहैया नहीं कराई है। यह अपने आप में काफी गंभीर विषय है। यूनिवर्सिटी प्रवक्ता प्रशांत पांडेय ने बताया कि 2016-2018 शैक्षिक सत्र के लिए 15 जुलाई दाखिले के लिए अंतिम तारीख थी।
भले ही वह अल्प संख्यक कॉलेज ही क्यों न हो, मगर अभी तक अधिकतर कॉलेजों ने छात्रों की जानकारी नहीं दी है। सभी कॉलेज इसकी सीडी और हार्ड कॉपी भी मुहैया कराएं। यूनिवर्सिटी प्रवक्ता ने बताया कि 15 जुलाई के बाद किसी भी कॉलेज द्वारा दिया गया दाखिला अवैध होगा।