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सर्वर बैठने के चलते धीमी पड़ गई दाखिले की रफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:52 AM IST
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डीयू दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय में पूरी तरह से ऑनलाइन दाखिले के पहले दिन ही सर्वर क्रैश होने से दाखिलों पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग गया। ऑनलाइन प्रक्रिया में कॉलेज व कोर्स चयन के बाद छात्रों को फॉर्म डाउनलोड करने में परेशानी हुई। इसका असर यह रहा कि छात्र दाखिले के लिए पहुंच ही नहीं सके। दो घंटे तक दाखिला पोर्टल धीमा रहा। दोपहर 12 बजे के बाद काम तो शुरू हो गया मगर रफ्तार धीमी ही रही।
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दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली बार दाखिला प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया। इस प्रक्रिया के तहत कट ऑफ जारी होने के बाद छात्रों को कॉलेज व कोर्स का चयन करना था। सुबह 9 बजे के बाद जैसे ही छात्रों ने कॉलेज व कोर्स का चयन कर फॉर्म डाउनलोड करने का प्रयास किया, तो वह डाउनलोड नहीं हो सका।
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बीच-बीच में किसी-किसी का फॉर्म निकल जा रहा था। इस कारण से साइबर कैफे पर भी लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। लगभग 12 बजे तक तो सर्वर करीब करीब बैठा ही रहा उसके बाद धीमी गति से काम शुरू पाया। तकनीकी खामी के चलते छात्रों को हुई परेशानी के चलते कई कॉलेजों ने देर शाम तक छात्रों के दाखिले मंजूर किए। वहीं कई कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि नया सिस्टम होने के कारण थोड़ी परेशानी हुई और कम दाखिले हुए, लेकिन अगले दो दिनों में दाखिला प्रक्रिया रफ्तार पकड़ लेगी।
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कैंपस कॉलेजों में पहले दिन एसआरसीसी, अरबिंदो, केएमसी, मिरांडा हाउस में काफी दाखिले हुए। पहली कट ऑफ में कई कॉलेजों ने सीटों से अधिक दाखिलों से बचने के लिए कट ऑफ को थोड़ा ज्यादा रखा। पहले दिन ज्यादातर कॉलेजों में बहुत भीड़ देखने को नहीं मिली, फिर चाहे कैंपस कॉलेज हो या फिर आउट ऑफ कैंपस।
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में (एसआरसीसी) में बीकॉम ऑनर्स व ईको ऑनर्स की 623 सीटों के लिए 170 दाखिले कॉलेज ने मंजूर किए। अभी इन छात्रों को फीस जमा कराने के लिए तीन दिन का समय मिला है। मिरांडा में कुल 1001 सीटों पर 80 दाखिले मंजूर किए गए, जबकि बीते साल यह संख्या 195 थी। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. प्रतिभा जौली ने बताया कि शुरुआत में 9.30 से 11.30 बजे तक थोड़ी दिक्कत हुई लेकिन बाद में सब सही हो गया।
उनके यहां सोशोलॉजी व बीए प्रोग्राम में सबसे अधिक दाखिले मंजूर किए गए। वहीं अरबिंदो कॉलेज में पहले दिन 70 दाखिले मंजूर हुए। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. विपिन अग्रवाल ने बताया कि छात्रों की सहायता के लिए चार कंप्यूटर लैब भी खोली गईं, जिससे कि उन्हें फॉर्म डाउनलोड करने में परेशानी न हो। कॉलेज में सबसे अधिक 40 दाखिले बीकॉम में मंजूर किए गए। किरोड़ीमल कॉलेज में 43, जबकि रामजस कॉलेज कुल 27 दाखिले मंजूर किए गए। उल्लेखनीय है कि कॉलेज ने सबसे अधिक कट ऑफ निकाली थी। यहां बीकॉम ऑनर्स की कट ऑफ 99.25 फीसदी रखी गई। कॉलेज ने यह जानकारी नहीं दी कि इस कट ऑफ पर कितने दाखिले हुए।