{"_id":"57e161324f1c1b4f1da82758","slug":"audit-the-accounts-of-private-schools-fully-schools-will-get-the-chance-to-answer","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी स्कूलों के खातों की जांच पूरी, विद्यालयों को जवाब देना का मिलेगा मौका","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
निजी स्कूलों के खातों की जांच पूरी, विद्यालयों को जवाब देना का मिलेगा मौका
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
School
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी स्कूलों की ओर से फीस बढ़ाए जाने के बाद सरकार ने सीए फर्म के माध्यम से स्कूलों के खातों की विस्तृत जांच कराई। सीए फर्म ने जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली है।
विज्ञापन
इस रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों पर कार्रवाई करने से पहले उन्हें जवाब देने का अवसर शिक्षा निदेशालय देने जा रहा है। यदि स्कूल जवाब नहीं देते हैं तो यह माना जाएगा कि स्कूलों के पास टिप्पणी करने के लिए कुछ नहीं है।
विज्ञापन
ऐसे में स्कूल के खिलाफ प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (प्राइवेट स्कूल ब्रांच) डॉ. आशिमा जैन की ओर से इस संबंध में निजी स्कूलों संचालकों को जानकारी भेज दी गई है।
विज्ञापन
उन्हें स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों पर किसी प्रकार की कार्रवाई से पहले उन्हें रिपोर्ट के निष्कर्षों पर टिप्पणी करने का अवसर दिया जा रहा है। शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट स्कूलों से अंतिम रिपोर्ट को साझा किया जाएगा।
रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद स्कूलों को सात दिनों के भीतर अपनी टिप्पणी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट को देनी होगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि जवाब नहीं मिलता है तो यह माना जाएगा कि स्कूल संचालक के पास टिप्पणी करने के लिए कुछ नहीं है।
उल्लेखनीय है कि स्कूलों ने फीस बढ़ोतरी करने के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव दिए थे। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने चार्टर्ड एकाउंटेंट से स्कूलों के फंड की जांच कराने का फैसला किया।