फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Around 88 per cent of the girls' college hostel, has been the basis of merit

88 फीसदी पर भर गया गल्र्स कॉलेज का हॉस्टल, मेरिट के आधार दिया गया प्रवेश

Mon, 01 Aug 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 01 Aug 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
Around 88 per cent of the girls' college hostel, has been the basis of merit
एडमिशन - फोटो : अमर उजाला

सेक्टर-14 स्थित गर्वमेंट गल्र्स कॉलेज में हॉस्टल की दौड़ 88 फीसदी पर आकर खत्म हो गई। कोर्स में हाई कटऑफ का असर अब हॉस्टल की सीट पर भी दिखाई दिया। 

विज्ञापन


अब कम अंक वाले छात्राओं को हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने के लिए इस मशक्कत करनी पड़ेगी। हाई कटऑफ को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने 75 फीसदी से कम अंक वाले छात्राओं को आवेदन करने से मना कर दिया था। 
विज्ञापन


दिल्ली यूनिवर्सिटी में हाई कटऑफ होने की वजह से दिल्ली और दूसरे प्रदेशों के विद्यार्थियों ने शहर के कॉलेजों में आवेदन किया था। छात्राओं के लिए सेक्टर-14 गर्वमेंट गल्र्स कॉलेज और द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज में हॉस्टल है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्राओं की संख्या के मुकाबले कॉलेजों में हॉस्टल की सीट बहुत कम है। एक-एक सीट पर कई छात्राएं दावेदार थे। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि मेरिट में उपलब्ध छात्राओं के आधार और दूरी को ध्यान में रखकर हॉस्टल दिए जाते हैं।

कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी की शर्त भी रखी गई थी। बता दें कि शहर के हॉस्टल वाले कॉलेजों में हरियाणा जनरल कैटेगरी के मुकाबले ऑल इंडिया कैटेगरी में हाई कटऑफ गया है। 

ऑल इंडिया कैटेगरी में दिल्ली और दूसरे प्रदेशों के छात्राओं ने आवेदन किया था। इस वजह से हॉस्टल का कटऑफ भी अधिक गया है। बता दें कि राजकीय महिला कॉलेज सेक्टर-14 में करीब सात हजार छात्रों के लिए महज चार हॉस्टल है। 


जिनमें 700 छात्राओं के रहने का इंतजाम है। नए छात्राओं के लिए महज 180 छात्राओं के लिए है। चेतना सेहरावत, प्रिंसिपल, गर्वमेंट गल्र्स कॉलेज: मेरिट के आधार पर 75 फीसदी का न्यूनतम स्तर तय किया गया था। मेरिट हाई होने की वजह से सीटें जल्दी भर गई। अगर खाली रहती है तो इससे कम अंक वाली छात्राओं को मेरिट के आधार पर दे दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed