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दिल्ली विश्वविद्यालय में कम अंक वाले भी जरूर करें आवेदन, इतने फीसदी में मिल जाता है दाखिला
Tue, 11 Jun 2019 10:22 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 Jun 2019 10:22 PM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की जानकारी लेने जाती हुईं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन की दौड़ जारी है। 13 दिनों में आवेदन का आंकड़ा 1 लाख 86 हजार से ऊपर पहुंच गया है। जिस तरह आवेदन हो रहे हैं उससे एक-एक सीट पर आवेदकों की दावेदारी बढ़ रही है।
अभी से छात्रों को हाई कट ऑफ की चिंता सताने लगी है, लेकिन कम अंकों में भी डीयू में दाखिले लेने का सपना पूरा हो सकता है। डीयू में हिंदी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू जैसे कोर्सेज में 50 से 80 फीसदी में दाखिला हो जाता है।
दाखिले से जुड़े जानकारों के मुताबिक, ऐसे कोर्सेज हैं जिनके जरिये छात्र करिअर को पंख लगा सकते हैं। वह सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी, संस्कृत, पर्शियन व उर्दू जैसे कोर्सेज में दाखिला 50 से 80 फीसदी पर हो जाता है।
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शुरू में इन कोर्सेज की कट ऑफ थोड़ी हाई रहती है, लेकिन धीरे-धीरे कम होने लगती है। इस कारण कम अंक लाने वालों के लिए डीयू के दरवाजे खुल जाते हैं। बीते साल सातवीं कट ऑफ में बीए-ऑनर्स पंजाबी में 45 फीसदी, भारती कॉलेज में संस्कृत-ऑनर्स में 48 फीसदी, दौलतराम में हिंदी-ऑनर्स में 80 फीसदी, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडी में हिंदी-ऑनर्स में 73.25 फीसदी, गार्गी कॉलेज में हिंदी-ऑनर्स में 78 फीसदी, दयाल सिंह कॉलेज में संस्कृत-ऑनर्स में 62.5 फीसदी में दाखिला हुआ था।
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अभी से छात्रों को हाई कट ऑफ की चिंता सताने लगी है, लेकिन कम अंकों में भी डीयू में दाखिले लेने का सपना पूरा हो सकता है। डीयू में हिंदी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू जैसे कोर्सेज में 50 से 80 फीसदी में दाखिला हो जाता है।
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दाखिले से जुड़े जानकारों के मुताबिक, ऐसे कोर्सेज हैं जिनके जरिये छात्र करिअर को पंख लगा सकते हैं। वह सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी, संस्कृत, पर्शियन व उर्दू जैसे कोर्सेज में दाखिला 50 से 80 फीसदी पर हो जाता है।
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शुरू में इन कोर्सेज की कट ऑफ थोड़ी हाई रहती है, लेकिन धीरे-धीरे कम होने लगती है। इस कारण कम अंक लाने वालों के लिए डीयू के दरवाजे खुल जाते हैं। बीते साल सातवीं कट ऑफ में बीए-ऑनर्स पंजाबी में 45 फीसदी, भारती कॉलेज में संस्कृत-ऑनर्स में 48 फीसदी, दौलतराम में हिंदी-ऑनर्स में 80 फीसदी, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडी में हिंदी-ऑनर्स में 73.25 फीसदी, गार्गी कॉलेज में हिंदी-ऑनर्स में 78 फीसदी, दयाल सिंह कॉलेज में संस्कृत-ऑनर्स में 62.5 फीसदी में दाखिला हुआ था।
आउट ऑफ कैंपस कॉलेज में बाद की कट ऑफ में भी दाखिले की गुंजाईश रहती है। लिहाजा, कम अंक वालों को एक बार आवेदन जरूर करना चाहिए। विषय विशेषज्ञों का कहना है कि संस्कृत को लेकर यह माना जाता है कि इसमें करिअर के दरवाजे नहीं खुलेंगे, परंतु इससे भी ऊंचाइयों पर पहुंचा जा सकता है।
बीते साल भारती कॉलेज में समाजशास्त्र में 83 फीसदी, जानकी देवी में बीए-प्रोग्राम में 83 फीसदी, अदिति कॉलेज में बीए-प्रोग्राम में 64 फीसदी, दयाल सिंह कॉलेज में फिलॉस्फी में 82 फीसदी व भारती कॉलेज में समाजशास्त्र में 83 फीसदी पर दाखिला हो गया था।
बीते साल भारती कॉलेज में समाजशास्त्र में 83 फीसदी, जानकी देवी में बीए-प्रोग्राम में 83 फीसदी, अदिति कॉलेज में बीए-प्रोग्राम में 64 फीसदी, दयाल सिंह कॉलेज में फिलॉस्फी में 82 फीसदी व भारती कॉलेज में समाजशास्त्र में 83 फीसदी पर दाखिला हो गया था।