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AKTU : रिक्त सीटों पर मेरिट के आधार पर मिले दाखिला
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 13 Mar 2017 01:27 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एकेटीयू के कॉलेजों में दाखिले के लिए यूपीएसईई की अनिवार्यता के बाद प्रदेश के प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों ने अलग मोर्चा खोल दिया है। प्राइवेट कॉलेजों की एसोसिएशन यूपी टेक्निकल इंस्टीट्यूट फेडरेशन (यूपीटिफ) के एक प्रतिनिधि मंडल ने विवि प्रशासन से मिलकर उन्हें कई सुझाव दिए हैं।
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बैठक में फेडरेशन ने पहले की तरह रिक्त सीटों को मेरिट के आधार पर भरने के नियम को लागू करने और सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में अलग-अलग काउंसलिंग का भी सुझाव दिया। साथ ही एडमिशन में स्टूडेंट्स की स्क्रीनिंग सहित अन्य व्यवस्था को लागू करने का प्रस्ताव भी रखा।
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यूपीटिफ महासचिव डा. अतुल जैन ने बताया कि विवि में हुई बैठक में यूपीटिफ प्रतिनिधियों ने सीटें खाली नहीं रहे इसके लिए किसी भी राज्य की तकनीकी प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने की बाध्यता से राहत देने की मांग की गई।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह सरकारी संस्थानों की काउंसलिंग कई चरणों और निजी कॉलेजों की काउंसलिंग एक चरण में कराई जानी चाहिए। फिर रिक्त सीटों पर मेरिट का निर्धारण कर प्रवेश लेने में छूट मिलनी चाहिए।
बैठक में यूपीटीयू वीसी प्रो. विनय कुमार पाठक ने प्राइवेट कॉलेज प्रतिनिधियों की मांगों पर विचार करने की बात कही है। एकेटीयू ने इस बार नया आदेश जारी कर प्रदेश के इंजीनियरिंग व तकनीकी कोर्सेज में दाखिले के लिए यूपी एसईई सहित जेईई मेन, एडवांस व अन्य राज्यों की तकनीकी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की बाध्यता कर दी है। पहले से ही सीटें खाली रहने से परेशान इंजीनियरिंग कॉलेज नए आदेश से काफी परेशान हैं।