{"_id":"5d7489c98ebc3e93be633018","slug":"aisa-issues-manifesto-for-dusu-election-in-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डूसू चुनाव: डीयू को देंगे हिंसा मुक्त कैंपस और शैक्षिक स्वतंत्रता, आइसा ने जारी किया घोषणा पत्र","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
डूसू चुनाव: डीयू को देंगे हिंसा मुक्त कैंपस और शैक्षिक स्वतंत्रता, आइसा ने जारी किया घोषणा पत्र
Sun, 08 Sep 2019 10:25 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 08 Sep 2019 10:25 AM IST
विज्ञापन
आइसा ने घोषणा पत्र जारी किया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीयू में एबीवीपी और एनएसयूआई के धन और बाहुबल के आगे खुद को एक बेहतर विकल्प बताने वाले ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने चुनाव जीतने पर कैंपस को हिंसा मुक्त बनाने का वादा किया है।
आइसा की ओर से शनिवार को एक सकारात्मक बदलाव के लिए घोषणा पत्र जारी किया, जिसके माध्यम से उन्होंने ‘मेरा वोट-मेरा अधिकार’ का नारा देते हुए किसी भी फर्जी व धोखेबाज उम्मीदवार को अपना वोट ना देने की अपील की है।
घोषणा पत्र में हिंसा रहित कैंपस, हॉस्टल बढ़ाने, पीजी ब्रोकर माफिया के खिलाफ रेंट रेगुलेशन एक्ट, मेट्रो में रियायती पास, लैंगिक संवेदनशीलता सेल बनाने पर फोकस किया है।
विज्ञापन
आइसा दिल्ली इकाई अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर ने कहा कि बीते साल एबीवीपी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी फर्जी डिग्री के आधार पर अध्यक्ष पद जीते। हालांकि, बाद में उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा।
विज्ञापन
आइसा की ओर से शनिवार को एक सकारात्मक बदलाव के लिए घोषणा पत्र जारी किया, जिसके माध्यम से उन्होंने ‘मेरा वोट-मेरा अधिकार’ का नारा देते हुए किसी भी फर्जी व धोखेबाज उम्मीदवार को अपना वोट ना देने की अपील की है।
विज्ञापन
घोषणा पत्र में हिंसा रहित कैंपस, हॉस्टल बढ़ाने, पीजी ब्रोकर माफिया के खिलाफ रेंट रेगुलेशन एक्ट, मेट्रो में रियायती पास, लैंगिक संवेदनशीलता सेल बनाने पर फोकस किया है।
विज्ञापन
आइसा दिल्ली इकाई अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर ने कहा कि बीते साल एबीवीपी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी फर्जी डिग्री के आधार पर अध्यक्ष पद जीते। हालांकि, बाद में उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा।
इस बार छात्रों को सोचना होगा कि वह कैसा छात्रसंघ चाहते हैं। बीते साल फर्जी डिग्री वाले प्रत्याशी को खड़ा करने के लिए एबीवीपी को माफी मांगनी चाहिए। कुछ सालों में कैंपस में हिंसा की घटनाएं देखने को मिली हैं। ऐसे में हिंसा मुक्त कैंपस का दावा आइसा ही कर सकता है।
एक ऐसा कैंपस, जहां छात्रों को शैक्षिक स्वतंत्रता भी होगी। आइसा की अध्यक्ष पद की प्रत्याशी दामिनी कैन ने कहा कि उनके घोषणा पत्र का मुख्य मुद्दा होगा कि छात्रों को हिंसा मुक्त कैंपस मिले।
सहसचिव पद की उम्मीदवार चेतना ने कहा कि उनका फोकस कैंपस में जेंडर जस्टिस लाना और छात्रों के लिए स्कॉलरशिप उपलब्ध कराने पर रहेगा। घोषणा पत्र जारी करने के अवसर पर आइसा के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार आफताब आलम व सचिव पद के उम्मीदवार विकास भी उपस्थित रहे।
एक ऐसा कैंपस, जहां छात्रों को शैक्षिक स्वतंत्रता भी होगी। आइसा की अध्यक्ष पद की प्रत्याशी दामिनी कैन ने कहा कि उनके घोषणा पत्र का मुख्य मुद्दा होगा कि छात्रों को हिंसा मुक्त कैंपस मिले।
सहसचिव पद की उम्मीदवार चेतना ने कहा कि उनका फोकस कैंपस में जेंडर जस्टिस लाना और छात्रों के लिए स्कॉलरशिप उपलब्ध कराने पर रहेगा। घोषणा पत्र जारी करने के अवसर पर आइसा के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार आफताब आलम व सचिव पद के उम्मीदवार विकास भी उपस्थित रहे।