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150 आईटीआई में 9 साल बाद बंद हुआ स्पेशल कोर्स

Thu, 07 Jul 2016 12:19 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 07 Jul 2016 12:19 AM IST
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After 9 years in 150 ITIs closed special courses

प्रदेश सरकार ने तमाम सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में चलने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) को बंद कर दिया है। इसके तहत चलने वाले स्पेशल ट्रेड को भी बंद कर दिया गया है।

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पिछले वर्ष सीओई के बेसिक कोर्स को बंद किया गया था और अब इस वर्ष इसके एडवांस और स्पेशलाइजेशन को बंद कर दिया है। लिहाजा, इस सत्र में सीओई की कक्षाएं नहीं लगेंगी। वहीं, आईटीआई ने इस कोर्स के लिए आवेदन मांगने से इंकार कर दिया है। इसकी वजह से सीओई के जरिए किसी एक ट्रेड में माहिर होने का सपना रखने वाले छात्रों के लिए मुश्किल होगा।
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 दरअसल, वर्ष 2006 में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा हरियाणा के सभी सरकारी आईटीआई में सीओई ट्रेड शुरू किया गया था। इसके तहत प्रत्येक जिले में बसे उद्योगों के मिजाज के अनुसार छात्रों को पढ़ाई कर हुनरमंद बनाया जाता था, ताकि उन्हें रोजगार आसानी से मिल सके। कोर्स को करने वाले अधिकतर छात्र पढ़ाई के बाद ही नौकरी हासिल कर लेते थे। दो वर्षीय इस कोर्स में पहले साल छात्रों को बेसिक और दूसरे वर्ष में छह-छह महीने का एडवांस और स्पेशलाइजेशन कराया जाता था। इसके बाद आसानी से छात्रों को नौकरी मिल जाती थी।
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बता दें कि गुड़गांव की मारूति कंपनी में छात्रों को ऑटोमोबाइल में एडवांस और स्पेशलाइजेशन कराया जाता था। फरीदाबाद में मारूति व अन्य कंपनियों के वेंडर कंपनी होने की वजह से प्रोड्क्शन मैन्युफैक्चरिंग, पलवल में फैब्रिकेशन, रेवाड़ी में रेफ्रीजेटर एंड एसी और अन्य जिले में वहां के उद्योगों के हिसाब से सीओई के ट्रेड में कोर्स कराया जाता था। अब ये सभी कोर्स बंद हो गए हैं। 

क्यों किया गया बंद
सीओई के तहत चलने वाली ट्रेड को लेकर पिछले वर्ष रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा देश भर में सर्वे कराया गया था। सर्वे कीे रिपोर्ट में कहा गया था कि शुरुआती दौर में इस ट्रेड में छात्रों को अच्छी प्लेसमेंट मिली, लेकिन अब इस ट्रेड में प्लेसमेंट नहीं होने के कारण छात्रों को परेशानियां हो रही हैं। इससे आईटीआई का उद्देश्य सफल नहीं हो रहा है।

लिहाजा, इस कोर्स को बंद कर मौजूदा वक्त के साथ नए कोर्स शुरू किए जाने चाहिए। मालूम हो कि सीओई बंद करने के बाद गुड़गांव में मैकेनिक ऑटो बॉडी रिपेयर व अन्य तीन कोर्स शुरू किए गए हैं। इसी तरह सीओई चलाने वाले आईटीआई में दो से चार नए कोर्स दिए गए हैं।

गुड़गांव-फरीदाबाद को अधिक नुकसान 
सीओई को बंद करने का सबसे अधिक नुकसान हरियाणा के दो प्रमुख औद्योगिक शहर गुड़गांव व फरीदाबाद के छात्रों को होगा। हालांकि, इसका दूसरे जिले के छात्रों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब तक गुड़गांव में मारूति कंपनी की वजह से सीओई के ऑटोमोबाइल ट्रेड के छात्रों को आसानी से प्लेसमेंट मिल जाती थी। फरीदाबाद के छात्रों को भी वहां के उद्योगों में नौकरी मिल जाती थी। वहीं,े दूसरे जिलों के छात्रों को प्लेसमेंट में दिक्कत आती थी। आईटीआई के एक अधिकारी का कहना है कि कोर्स को फरीदाबाद व गुड़गांव में बंद करने से वहां के छात्रों को अधिक नुकसान होगा।


‘यह भारत सरकार की स्कीम थी। स्कीम खत्म होने की वजह से कोर्स बंद कर दिया गया है। इसे बंद कर एससीवीटी के तहत कई नए कोर्स शुरू किए गए हैं।’  -अंशज सिंह, महानिदेशक, औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग

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