{"_id":"5911c3494f1c1b231f85146d","slug":"affiliation-issue-in-many-private-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":" मान्यता का फर्जीवाड़ा: संदेह के दायरे में कई और निजी स्कूल","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
मान्यता का फर्जीवाड़ा: संदेह के दायरे में कई और निजी स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 10 May 2017 10:48 AM IST
विज्ञापन
school students
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलेभर में गली-मोहल्लो में खुले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने आंखें तरेर ली हैं। बिना मान्यता के चल रहे 134 स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है, जबकि 56 स्कूलों की रिपोर्ट एक सप्ताह में तलब की गई है। मान्यता को लेकर संदेह के दायरे में जिले के कई और निजी स्कूल आ गए हैं।
विज्ञापन
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा विभाग ने फरीदाबाद व बल्लभगढ़ ब्लॉक के स्कूलों की जांच कराने का निर्णय लिया है। बाकायदा, इसके लिए सात-सात सदस्ययी कमेटियों का गठन किया गया है जो प्रत्येक स्कूल में जाकर जांच पड़ताल करेगी। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर स्कूलों को ब्लैक लिस्ट में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लटकी तलवार का मामला सबसे पहले अमर उजाला ने उठाया था। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आए हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक गैर मान्यता प्राप्त 134 स्कूल वो हैं जो कई साल से अस्थायी मान्यता लेकर दाखिला प्रक्रिया शुरू कर देते थे। इसके अलावा भी कई और ऐसे स्कूल जिले में होने की संभावना है जो अनियमितता बरतकर चल रहे हैं।
विज्ञापन
जिले के कितने स्कूलों के पास मान्यता का प्रमाण पत्र है। मान्यता के मानकों पर स्कूल खरे उतरते हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए दोनों ब्लॉक में सात-सात सदस्ययी कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, निजी व सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य के अलावा शिक्षाविद् व शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
दांव पर भविष्य
दरअसल, मान्यता को लेकर शक के दायरे में आने वाले स्कूल हर साल दाखिला प्रक्रिया जोरशोर से शुरू करते हैं। इस दौरान न शिक्षा विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई की जाती है और न ही प्रशासन की तरफ से। सत्र शुरू हुए महीनेभर से ज्यादा हो गया है। दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब कार्रवाई होती है तो इससे हजारों बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।