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80% से कम अंक पाने वाले सिख बच्चों को दाखिले के लिए दी सलाह

Sun, 09 Jul 2017 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Jul 2017 09:33 AM IST
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  admission for students score less than 80 percent under minority quota
डेमो - फोटो : demo pic

12वीं कक्षा में कम अंक आने पर छात्रों को हीनभावना नहीं अपनानी चाहिए। कुछ कॉलेजों में यदि उन्हें दाखिला नहीं मिलता बावजूद इससे उनके लिए भी कई कॉलेजों में अच्छे कोर्स में रास्ता खुला है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने 70 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले सिख विद्याथिर्यो को जानकारी देने के लिए आयोजित सलाह मेले में उक्त विचार प्रकट किए। 

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गुरुद्वारा रकाबगंज में आयोजित इस कार्यक्रम में दाखिला लेने के इच्छुक सिख विद्यार्थी बड़ी संख्या में पंहुचे। जीके ने कहा इस वर्ष 12वीं कक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की बहुसंख्या होने के कारण दिल्ली विश्वविद्यालयों के कॉलेजों में 80 फीसदी से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के दाखिला ना होने की आशंका बनी हुई है। कमेटी ने ऐसे छात्रों को सलाह देने के लिए पहली बार अन्य कॉलेजो तथा कोर्सो की जानकारी देने के लिये यह कदम उठाया है। 
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इस अवसर पर अलग-अलग विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों तथा रोजगार उन्मुखी कोर्सो के केन्द्रों द्वारा विद्यार्थियों को जानकारी देने के लिए सहायता डेस्क बनाये गये। कमेटी अध्यक्ष जीके ने विद्यार्थियों को अपना भविष्य सुरक्षित करने के गुर बताए।
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जीके ने कहा कि सिख विद्यार्थियों के शिक्षण वर्ष को खराब होने से बचाने तथा विद्यार्थियों में हीन भावना पैदा ना होने देने के मकसद के लिए यह कदम उठाया है। उहने पढ़ाई के साथ ही रोजगार उन्मुखी कोर्सो की जानकारी एक छत के नीचे उपलब्ध करवाई हैं।


उन्होंने कहा सिख विद्यार्थियों के लिए खालसा कॉलेजों में 50 फीसदी सीटें आरक्षित रखी गई है ताकि वे दाखिला पा सके। 
जीके ने इसअवसर पर चेतावनी देते हुए कहा कि सिख अल्पसंख्यक कोटे में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों ने यदि सिखी को त्यागना के प्रयास किया तो यह उनके कॉलेज से बाहर निकलने का कारण बन सकता है। इसलिए हम बच्चों को सिखी संभालने की प्रेरणा देने के साथ ही पढ़ाई के लिए उत्तम अवसर उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रहे हैं। 

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