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अंतिम दौर में आवेदान, अब डीयू में नहीं चलेगा फर्जी दस्तावेज
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 26 Jun 2016 11:33 PM IST
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डीयू में आवेदन का दौर खत्म हो चुका
डीयू में आवेदन का दौर खत्म हो चुका है। अब आवेदकों को पहली कटऑफ का इंतजार है। अगर आप इस दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डीयू में दाखिला लेने की सोच रहे हैं तो यह भूल ना करें।
है। अब आवेदकों को पहली कटऑफ का इंतजार है। अगर आप इस दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डीयू में दाखिला लेने की सोच रहे हैं तो यह भूल ना करें।
आप अपने असली और मूल प्रमाण पत्रों की कॉपी ही जमा करें। अगर आपने दाखिला सुनिश्चित कराने के लिए गलत दस्तावेज दिए तो आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
क्योंकि डीयू के महाविद्यालय इस बार प्रमाण पत्रों की जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ की मदद लेने की तैयारी में है। डीयू प्रशासन के मुताबिक, बीते वर्षों में फर्जी दस्तावेजों के मामला सामने आने के बाद इस बार प्रमाण पत्रों की जांच कई स्तर पर की जाएगी।
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सबसे पहले उसे उस प्राधिकरण से चेक किया जाएगा, जहां से उसे जारी किया गया है। शक होने या शिकायत मिलने पर उसकी जांच फोरेंसिक एक्सपर्ट से की जाएगी।
डीयू की खासतौर से जाति प्रमाण पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र पर नजर रहेगी। क्योंकि सबसे ज्यादा गड़बड़ी इन्हीं प्रमाण पत्रों को लेकर होती है।
आवेदकों के अंकपत्र की भी जांच की जाएगी। गड़बड़ी पकड़े जाने पर उसके दाखिला रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 470, 471, 474 के तहत आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा। आरोप सिद्ध होने पर उसमें सात साल तक के सजा का भी प्रावधान है।
डीयू के शिक्षण सत्र 2016-17 के लिए पहली कटऑफ के लिए दाखिले 30 जून से शुरू हो जाएंगे। डीयू प्रशासन का कहना है कि छात्र अपने दस्तावेजों को अभी से तैयार करके रख लें।
अगर उसमें कोई कमी है या पूरा नहीं है तो उसे भी ठीक करा लें। दाखिले के वक्त बहाना नहीं चलेगा। पहली कटऑफ के लिए सुबह के कॉलेजों में सुबह 9 से 1 बजे तक दाखिले किए जाएंगे। वहीं सांध्य महाविद्यालयों में यह प्रक्रिया शाम 4 से 7 बजे तक चलेगी।
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डीयू में आवेदन का दौर खत्म हो चुका है। अब आवेदकों को पहली कटऑफ का इंतजार है। अगर आप इस दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डीयू में दाखिला लेने की सोच रहे हैं तो यह भूल ना करें।
है। अब आवेदकों को पहली कटऑफ का इंतजार है। अगर आप इस दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डीयू में दाखिला लेने की सोच रहे हैं तो यह भूल ना करें।
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आप अपने असली और मूल प्रमाण पत्रों की कॉपी ही जमा करें। अगर आपने दाखिला सुनिश्चित कराने के लिए गलत दस्तावेज दिए तो आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
क्योंकि डीयू के महाविद्यालय इस बार प्रमाण पत्रों की जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ की मदद लेने की तैयारी में है। डीयू प्रशासन के मुताबिक, बीते वर्षों में फर्जी दस्तावेजों के मामला सामने आने के बाद इस बार प्रमाण पत्रों की जांच कई स्तर पर की जाएगी।
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सबसे पहले उसे उस प्राधिकरण से चेक किया जाएगा, जहां से उसे जारी किया गया है। शक होने या शिकायत मिलने पर उसकी जांच फोरेंसिक एक्सपर्ट से की जाएगी।
डीयू की खासतौर से जाति प्रमाण पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र पर नजर रहेगी। क्योंकि सबसे ज्यादा गड़बड़ी इन्हीं प्रमाण पत्रों को लेकर होती है।
आवेदकों के अंकपत्र की भी जांच की जाएगी। गड़बड़ी पकड़े जाने पर उसके दाखिला रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 470, 471, 474 के तहत आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा। आरोप सिद्ध होने पर उसमें सात साल तक के सजा का भी प्रावधान है।
डीयू के शिक्षण सत्र 2016-17 के लिए पहली कटऑफ के लिए दाखिले 30 जून से शुरू हो जाएंगे। डीयू प्रशासन का कहना है कि छात्र अपने दस्तावेजों को अभी से तैयार करके रख लें।
अगर उसमें कोई कमी है या पूरा नहीं है तो उसे भी ठीक करा लें। दाखिले के वक्त बहाना नहीं चलेगा। पहली कटऑफ के लिए सुबह के कॉलेजों में सुबह 9 से 1 बजे तक दाखिले किए जाएंगे। वहीं सांध्य महाविद्यालयों में यह प्रक्रिया शाम 4 से 7 बजे तक चलेगी।