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बैलेट पेपर में नहीं था एबीवीपी प्रत्याशी का नाम, SIS में रद्द होने के बाद फिर हुआ मतदान
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Sep 2016 10:26 AM IST
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव में एसआईएस (स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज) के सेंटर में स्कूल काउंसलर्स चुनाव के बैलेट पेपर में एबीवीपी के प्रत्याशी अंकुर का नाम ही नहीं था।
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मतदान शुरू होने के पौने घंटे के बाद एबीवीपी को एक मतदाता ने अंकुर का नाम बैलेट पेपर में न होने की जानकारी दी। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
एबीवीपी ने मतदान रद करने की मांग की, जिसे बाद में चुनाव आयोग ने मान लिया। इसके बाद 12 बजे दोबारा मतदान शुरू किया गया, जोकि शाम सात बजे तक जारी रहा।
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नाम कटने पर एबीवीपी ने चुनाव आयोग को ठहराया जिम्मेदार
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हालांकि, इस घटना के बाद एबीवीपी ने चुनाव आयोग पर कई आरोप भी लगाए हैं। जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्ट्डीज के तहत स्कूल काउंसलर्स पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी अंकुर आर्यन चुनाव में खड़े हैं।
उनका नाम बैलेट पेपर में प्रिंट ही नहीं था। ठीक सुबह साढ़े नौ बजे मतदान शुरू हो गया। मतदान चलता रहा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया कि बैलेट पेपर में उसका नाम ही नहीं है।
मतदान शुरू होने से पहले चुनाव आयोग को बैलेट पेपर पर सभी प्रत्याशियों के नामों को सूची से मिलान करना चाहिए था। मुख्य चुनाव आयुक्त इशिता मन्ना ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। हंगामे के बाद ही आयोग ने दोबारा मतदान करने की अनुमति दी। - सौरभ शर्मा, पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी।
उनका नाम बैलेट पेपर में प्रिंट ही नहीं था। ठीक सुबह साढ़े नौ बजे मतदान शुरू हो गया। मतदान चलता रहा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया कि बैलेट पेपर में उसका नाम ही नहीं है।
मतदान शुरू होने से पहले चुनाव आयोग को बैलेट पेपर पर सभी प्रत्याशियों के नामों को सूची से मिलान करना चाहिए था। मुख्य चुनाव आयुक्त इशिता मन्ना ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। हंगामे के बाद ही आयोग ने दोबारा मतदान करने की अनुमति दी। - सौरभ शर्मा, पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी।