5 छात्र बने फ्यूचर यंग एंटरप्रिन्योर: ‘पिक-अ-बुक’ बिजनेस मॉडल ने बनाया विजेता
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल स्टॉर्ट-अप इंडिया कार्यक्रम में अब स्कूली बच्चे भी वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने लगे हैं। अपने एक बिजनेस आइडिया की बदौलत एमिटी इंटरनेशनल (पुष्प विहार) के पांच छात्र फ्यूचर यंग एंटरप्रिन्योर प्रतियोगिता के विजेता बने हैं।
‘पिक-अ-बुक’ बिजनेस मॉडल से उन्होंने इंडोनेशिया, नीदरलैंड, रोमानिया, वियतनाम व जर्मनी की टीमों को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। ‘पिक-अ-बुक’ बिजनेस के तहत पुरानी किताबों के लिए खरीदारों को बाजारों में चक्कर नहीं लगाने। खरीदार ऑनलाइन ही पुरानी पुस्तकें खरीद सकते हैं।
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल (पुष्प विहार) के 12वीं के पांच छात्रों मेघा माथुर, अंश अग्रवाल, यश गुप्ता, मनन राय व निखिल कालिया ने ‘पिक-अ-बुक’ स्टॉर्ट-अप तैयार किया है। मनन राय ने बताया कि सही तरीके से काम करने और उसे प्राथमिकता देने के कारण वैश्विक स्तर पर यह मुकाम पा सके।
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की अध्यक्ष डॉ. अमिता चौहान ने कहा कि हम लगातार छात्रों के अंदर नवोन्मेष एवं उद्यमी की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। जिससे कि वह ऐसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लें।
इस प्रतियोगिता में गुड़गांव सेक्टर-46 के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की टीम के प्रोजेक्ट की यूनाइटेड नेशन की सीड अवॉर्ड कैटेगिरी के लिए सिफारिश की गई।
मालूम हो कि बर्लिन में 16 सितंबर को जर्मनी के गोयथे इंस्टीट्यूट एवं एरासमस प्लस प्रोग्राम ऑफ द यूरोपियन यूनियन की ओर से फ्यूचर यंग एंटरप्रिन्योर प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
यह है ‘पिक-अ-बुक’ बिजनेस मॉडल
यह बिजनेस मॉडल खरीदार को फुटकर विक्रेताओं से पुरानी किताबें खरीदने की सुविधा देता है। छात्र यह कार्य दिल्ली के सभी पुराने पुस्तक फुटकर विक्रेताओं के साथ मिलकर करते हैं।
इस तरह से ग्राहक अपने घर बैठे-बैठे ऑनलाइन ही किताब खरीद सकते हैं। इससेे न केवल समय व धन की बचत होती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण करते हुए पेड़ को कटने से भी बचाया जा सकता है।