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आईआईटी दिल्ली में पीएचडी की 20 फीसदी सीटें बढ़ेंगी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:43 AM IST
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आईआईटी
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आईआईटी विदेशी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का काम जनवरी 2017 से शुरू करेगा। इसके लिए बाकायदा, यूके, यूएस समेत कई अन्य देशों के बड़े प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों का दौरा भी किया जाएगा।
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वहीं, आईआईटी दिल्ली का मुख्य फोकस रिसर्च व इनोवेशन के प्रोग्राम को बढ़ाना है, जिसके तहत पीएचडी प्रोग्राम में प्रति वर्ष 20 फीसदी सीटों की बढ़ोतरी होगी। फिलहाल यहां ढाई हजार सीटें हैं, जिसे दो से तीन साल में पांच हजार तक पहुंचाना है।
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आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रामगोपाल राव ने बताया कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल होने के लिए रिसर्च व इनोवेशन पर फोकस करना जरूरी है। इसीलिए पीएचडी पर फोकस किया जा रहा है। सीटों की बढ़ोतरी होने से रिसर्च व इनोवेशन बढ़ने के साथ-साथ फैकल्टी के रूप में भी सेवाएं मिल जाएंगी।
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छात्रों को घर बैठे इंजीनियरिंग की शिक्षा व कोचिंग देने के लिए आईआईटी दिल्ली चार डीटीएच चैनल में अपने रिकॉर्ड लेक्चर भी मुहैया करवाने जा रहा है, जोकि एक जनवरी से छात्रों के लिए उपलब्ध होंगे। छात्रों को आईआईटी पेल (प्रोफेसर असिस्टेड लर्निंग) के ये लेक्चर डीटीएच व दूरदर्शन पर मुफ्त में मिलेंगे। ये लेक्चर मुख्य रूप से आईआईटी की प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) की तैयारी में सहायक होंगे।
सोनीपत कैंपस फरवरी में होगा शुरू
आईआईटी दिल्ली का सोनीपत कैंपस फरवरी 2017 में शुरू हो जाएगा। इस कैंपस का निर्माण कार्य व अन्य काम दिसंबर तक पूरे होने की संभावना है। जबकि झज्जर कैंपस का काम जमीन ट्रांसफर न होने के चलते रुका हुआ है। झज्जर कैंपस की जमीन अभी आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर के नाम पर ट्रांसफर नहीं हुई है जिससे काम रुका है।
सोनीपत कैंपस में रिसर्च, ट्रेनिंग, डेवलपमेंट, विदेशी प्रोफेसर की रिसर्च व इनोवेशन पर काम होगा। इसके अलावा इस कैंपस के माध्यम से हरियाणा के लोगों, प्रशासन समेत इंडस्ट्री आदि की दिक्कतों को फोकस करते हुए उनकी परेशानियों को दूर किया जाएगा।