टिम्मरसैंण महादेव: गुफा में आकार लेने लगे बाबा बर्फानी, दर्शन के लिए नीती घाटी पहुंच रहे श्रद्धालु
Timmersain mahadev News: टिम्मरसैंण महादेव की गुफा नीती घाटी के अंतिम गांव नीती में स्थित है। अमरनाथ की भांति ही यहां भी एक गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग की आकृति उभरती है।
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उत्तराखंड में चीन सीमा क्षेत्र में स्थित नीती घाटी की टिम्मरसैंण महादेव गुफा में धीरे-धीरे बाबा बर्फानी आकार लेने लगे हैं। क्षेत्र में ठंड बढ़ने से गुफा भी बर्फ से ढक गई है। नीती घाटी के श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं। टिम्मरसैंण में पहाड़ी पर बहता पानी भी पूरी तरह से जम गया है।
टिम्मरसैंण महादेव की गुफा नीती घाटी के अंतिम गांव नीती में स्थित है। अमरनाथ की भांति ही यहां भी एक गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग की आकृति उभरती है। नीती घाटी के ग्रामीण गुफा में नित्य पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए चमोली जनपद के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
देशी-विदेशी पर्यटक भी टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रतिवर्ष अप्रैल से टिम्मरसैंण महादेव के श्रद्धालु पहुंचने लगते हैं। दिसंबर से मार्च तक नीती घाटी के गांव बर्फ के आगोश में रहते हैं। अप्रैल में बर्फ पिघल जाने के बाद बाबा बर्फानी के दर्शन होते हैं।
खुद बनता है दस फीट ऊंचा बर्फ का शिवलिंग
गुफा में करीब 10 फीट तक ऊंचे शिवलिंग के दर्शन होते हैं। इस पर पहाड़ी से टपकने वाले जल से हमेशा अभिषेक होता रहता है। इसी शिवलिंग के पास बर्फ पिघलने के दौरान प्रतिवर्ष बर्फ शिवलिंग का आकार लेता है।
जिसे बर्फानी बाबा या टिंमरसैंण महादेव के नाम से जाना जाता है। बांपा गांव के पूर्व प्रधान धर्मेंद्र पाल और प्रेम फोनिया ने बताया कि टिम्मरसैंण गुफा में बर्फानी बाबा आकार लेने लग गए हैं। गुफा के बाहर से पानी के झरने भी पूरी तरह से जम गए हैं।