उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का कारनामा: बीटेक की सीटें थीं 32, विवि ने बांट दी 57
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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की बीटेक लेटरल एंट्री यूकेएसईई काउंसिलिंग में गजब कारनामा सामने आया है। पंतनगर विश्वविद्यालय में बीटेक की सीट मैट्रिक्स से ऊपर करीब दो गुना सीटें आवंटित कर दी गईं। छात्र दोनों विवि के बीच चक्कर काटकर परेशान हो गए।
दरअसल, पंतनगर विश्वविद्यालय में बीटेक की काउंसिलिंग का जिम्मा भी उत्तराखंड तकनीकी विवि के पास ही है। यहां न केवल बीटेक प्रथम वर्ष बल्कि बीटेक लेटरल एंट्री कोर्स में दाखिले के लिए भी यूकेएसईई काउंसिलिंग यूटीयू की ओर से कराई जाती है।
यूटीयू ने जब पंतनगर विवि से सीट मैट्रिक्स मांगी तो उन्होंने इंजीनियरिंग की आठ ब्रांच में 32 सीटें बताईं। इसके लिए दो बार पंतनगर से यूटीयू को पत्र भी भेजा गया। जब यूटीयू ने सीटें आवंटित की तो उनकी संख्या 57 थीं। पंतनगर विवि ने इस पर आपत्ति जताई तो यूटीयू प्रशासन के हाथ पैर फूल गए।
मांगी पांच, दे दी नौ
पंतनगर विवि ने एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, आईटी और मेकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन को 32 सीटों की मैट्रिक्स 24 जून को ई-मेल के माध्यम से भेजी थी।
मसलन, एग्रीकल्चर और सिविल इंजीनियरिंग में पांच-पांच सीटें खाली बताई गई थी लेकिन यूटीयू ने यहां नौ-नौ सीटें आवंटित कर दीं। इसी प्रकार, अन्य कोर्स में भी अधिक सीटें आवंटित की गईं।
चक्कर काटते रह गए छात्र
निर्धारित से ज्यादा सीटें आवंटित होने के मामले में छात्र यूटीयू और पंतनगर विवि के बीच चक्कर काटते रह गए। हालांकि बाद में पंतनगर विवि ने पूर्व में खाली पड़ी सीटों पर कुछ छात्रों को एडजस्ट कर दिया।
पंतनगर विवि के पास पहले से भी लेटरल एंट्री से इतर सीटें खाली थीं। इसलिए निर्धारित से ज्यादा सीटें आवंटित होने पर कोई समस्या नहीं है। वहां 42 छात्रों को एडजस्ट कर दिया गया है।
-प्रो. नरेंद्र एस चौधरी, कुलपति, यूटीयू