उत्तराखंड: 10वीं पास चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी अब बन सकेंगे वन आरक्षी, आवेदन प्रक्रिया शुरू
शासन से नियमों में शिथिलता मिलने के बाद वन विभाग ने सोमवार को आदेश जारी कर इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता खुल गया है। अब हाईस्कूल पास चतुर्थ श्रेणी वनकर्मी भी वन आरक्षी बन सकेंगे। मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन (मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक) ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में वन आरक्षी पदों पर पदोन्नति के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जिसमें चतुर्थ श्रेणी से वन आरक्षी के पद पर पदोन्नति के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 और उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा (संशोधन) नियमावली 2018 में पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट में शिथिलीकरण (वन टाइम) करते हुए हाईस्कूल की अनुमति प्रदान की गई है।
आपको बता दें कि राज्य में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पिछले दिनों एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर पदों को भरने के आदेश पारित किए थे। राज्य में वन आरक्षी सीधी भर्ती कोटा 2024 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 1261 पद रिक्त हैं। जबकि पदोन्नति के 365 पदों में 92 पद रिक्त हैं। कुल 1353 पद रिक्त हैं। अब नियमों से शिथिलता के बाद पदोन्नति के पदों को भरा जा सकेगा।
सरकारी नौकरी के चक्कर में युवा बने घनचक्कर
युवाओं की सरकारी नौकरी की आस पर सरकारी लेटलतीफी भारी पड़ने लगी है। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा की बात करें तो करीब चार साल बाद भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने से आवेदन करने वाले युवाओं का भविष्य अधर में है। इन युवाओं की उम्र भी निकलती जा रही है। इसके अलावा, एलटी समेत छह से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाएं भी लटकी हुईं हैं।
उत्तराखंड में फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया पंचवर्षीय योजना बनने के साथ सबसे ज्यादा समय तक चलने वाली परीक्षा का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी है। साल 2017 में फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों के लिए सरकार ने विज्ञप्ति जारी की थी। कभी नियमवाली संशोधन तो कभी विज्ञान विषय की बाध्यता खत्म करने के चलते सरकार ने दोबारा विज्ञप्ति निकाली।
16 फरवरी 2020 को किसी तरह सवा लाख अभ्यर्थियों ने फॉरेस्ट गार्ड बनने के लिए परीक्षा दी। इस बीच, पेपर के कुछ सवाल सोशल मीडिया पर वायरल होने से आयोग पर सवाल उठे तो 2021 में 57 अभ्यर्थियों के लिए दून में दोबारा परीक्षा कराई गई। करीब चार वर्ष के इंतजार के बाद नौ मार्च को परिणाम जारी किया गया, लेकिन अब तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इससे युवाओं में नाराजगी है। युवाओं का कहना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो उम्र बीत जाएगी और नौकरी नहीं लग पाएगी।
पीसीएस, लोअर पीसीएस भर्ती चार साल से नहीं आई
उत्तराखंड में पीसीएस और लोअर पीसीएस के रिक्त पदों पर करीब एक साल से विज्ञप्ति जारी नहीं हुई है। लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली समेत अन्य शहरों में गए युवाओं में निराशा है। कई युवा तो अब उम्र सीमा ज्यादा होने की वजह से आवेदन तक नहीं कर सकेंगे। हालांकि, पीसीएस और लोअर पीसीएस के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार रिक्त पदों पर शासन को अधियाचन भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही अगले माह तक विज्ञप्ति जारी हो सकती है।
ये भर्ती परीक्षाएं लंबित
पदनाम संख्या
वन दरोगा 316
कनिष्ठ सहायक 751
वीडीओ-वीपीडीओ 855
नर्स 2600
एलटी 1425
फॉरेस्ट गार्ड 1218
सहायक लेखाकार 165
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रकिया की फिजिकल प्रक्रिया अगले माह से शुरू होने की उम्मीद है। जल्द इनके एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। कोरोना के चलते कई परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं। एक लाख से अधिक आवेदकों वाली परीक्षाओं को कराने में दिक्कत आ रही है। इन परीक्षाओं को 50-50 हजार बच्चों के ग्रुप बनाकर परीक्षा कराई जाएगी। अलग-अलग परीक्षाओं के लिए करीब चार लाख युवाओं ने आवेदन किया है। सब ठीक रहा तो सहायक लेखाकार और एलटी की परीक्षा जुलाई में ही करा दी जाएगी।
-संतोष बडोनी, सचिव यूकेएसएससी