उत्तराखंड: लोगों पर हमला कर मौत के घाट उतारने वाला गुलदार पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
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उत्तराखंड के देवप्रयाग के निकटवर्ती कांडाधार, रामपुर व सामपुर सहित अन्य गांवों में दहशत का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। देवप्रयाग से करीब चार किमी दूर दूर खटगीर के समीप एक माह पूर्व बाइक सवार विशंबर सिंह व मदन सिंह पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया था। गुलदार ने कुछ दिन पूर्व दूध व्यवसायी दिगंबर सिंह को भी घायल किया था। गुलदार को पकड़ने के लिए तीन दिन पूर्व वन विभाग ने यहां पिंजरा लगाया।
बृहस्पतिवार सुबह गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार के पिंजड़े में कैद होने की खबर लगते ही ग्रामीण उसे देखने उमड़ पड़े। बढ़ती भीड़ देखते कर्मी गुलदार को तहसील स्थित वन विभाग चौकी ले आए। वन क्षेेत्राधिकारी माणिकनाथ रेंज देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि गुलदार करीब ढाई साल का है। उसे चिड़ियापुर भेजा जा रहा है। वहीं, कीर्तिनगर तहसील के मलेथा में युवती को शिकार बनाने वाले गुलदार अभी तक नहीं पकड़ा गया है। गुलदार की शिकारी जॉय हुकिल व वन विभाग की टीम तलाश कर रही है।
कमरे में घुसा गुलदार, ग्रामीण ने किया बंद
पौड़ी के कोट विकासखंड के एक गांव में गुलदार एक घर के कमरे में घुस गया। रातभर कमरे में रहने के बाद तड़के मौके पर पहुंच वन विभाग की टीम ने उसे पिंजरे में कैद कर लिया।
कोट विकासखंड के खांडागांव में बुधवार रात करीब दो बजे एक गुलदार ग्रामीण बलवंत सिंह के घर में घुस गया। बलवंत सिंह ने बताया कि गुलदार ने घर के समीप ही बनी गोशाला में गाय पर हमला किया। गाय के तेज आवाज करने पर गुलदार घर के ही एक खाली कमरे में घुस गया।
गुलदार के कमरे में घुसते ही उन्होंने कमरा बाहर से बंद कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीण जगमोहन डांगी व प्रवेंद्र नयाल ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। वन क्षेत्राधिकारी नागदेव रेंज अनिल भट्ट ने बताया कि मौके पर पहुंची टीम ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया। गुलदार को रेंज कार्यालय में लाया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगा।