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उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने सरकार को दिया बड़ा झटका, अब इग्नू से डीएलएड होगा मान्य

Mon, 18 Mar 2019 08:36 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 18 Mar 2019 08:36 PM IST
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Uttarakhand high court Big decision on DLEd from ignou
नैनीताल हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भी इग्नू से डीएलएड को मान्य बताया है। कोर्ट ने सरकार की स्पेशल अपील को खारिज करते हुए एकलपीठ के निर्णय को बरकरार रखा है। एकलपीठ ने एक जून 2018 को अपने फैसले में इग्नू से डीएलएड करने वाले पुष्पा बलोदी और दयाल कुमार को सहायक अध्यापक की नियुक्ति के लिए योग्य घोषित किया था। 

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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति नारायण सिंह धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। गरुड़ (बागेश्वर) निवासी पुष्पा बलोदी, दयाल कुमार और अल्मोड़ा निवासी कमला आर्य ने पूर्व में एकलपीठ के समक्ष याचिका दायर कर कहा था कि उन्होंने 2014 में इग्नू से डीएलएड किया था।
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जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) की ओर से सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के लिए 21 नवंबर 2015 को जारी विज्ञापन के क्रम में उन्होंने आवेदन किया था लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) बागेश्वर ने उनके आवेदन को यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि इग्नू से की गई डीएलएड मान्य नहीं है।

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विभाग का उनके आवेदन को निरस्त करने का आधार यह था कि इग्नू से डीएलएड केवल उन अभ्यर्थियों का मान्य है जो सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के रूप में सेवारत हैं, जबकि पुष्पा बलोदी और दयाल कुमार शिक्षा मित्र नहीं हैं।

उक्त लोगों ने विभाग के इस फैसले को फरवरी 2016 में हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें कहा गया था कि उनका दो वर्षीय डीएलएड एनसीटीई से मान्यताप्राप्त है और वे टीईटी पास भी हैं।

उन्होंने मांग की थी कि उन्हें भी शिक्षा मित्रों की तरह सहायक अध्यापक नियुक्ति के लिए योग्य माना जाए। इस पर 1 जून 2018 को एकलपीठ ने उक्त लोगों को योग्य घोषित किया। एकलपीठ के इस निर्णय के खिलाफ सरकार ने खंडपीठ में स्पेशल अपील दायर की थी।

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