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19 साल का संघर्ष पूरा, उत्तराखंड को मिली बीसीसीआई की पूर्ण मान्यता
Wed, 14 Aug 2019 09:28 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 14 Aug 2019 09:28 AM IST
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BCCI
- फोटो : फाइल फोटो
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19 साल से बीसीसीआई की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे उत्तराखंड का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। बीसीसीआई की सीओए (क्रिकेट प्रशासक समिति) ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) को प्रदेश में क्रिकेट संचालन के लिए पूर्ण मान्यता दे दी है। अब सितंबर माह से शुरू हो रहे घरेलू टूर्नामेंट में सीएयू ही क्रिकेट संचालन का जिम्मेदारी संभालेगी।
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मंगलवार को दिल्ली में उत्तराखंड की मान्यता मसले पर हुई सीओए की निर्णायक बैठक में अध्यक्ष विनोद राय की मौजूदगी में सीएयू की मान्यता पर मुहर लगाई गई। विनोद राय की ओर से मंगलवार शाम को सीएयू को ई-मेल के माध्यम से मान्यता मिलने की जानकारी दी गई। इसमें बताया कि स्थानीय क्रिकेट में योगदान व ग्राउंड समेत अन्य सुविधाओं संबंधी दस्तावेजों के आधार पर सीएयू के दावे को मजबूत माना है।
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प्रतिभावान खिलाड़ियों को नुकसान झेलना पड़ा
सीओए ने सीएयू की मान्यता में यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) को भी शामिल किया है, क्योंकि यूसीए ने पूर्व में ही सीएयू के साथ विलय कर लिया था। सीओए ने उत्तराखंड की एसोसिएशन मान्यता मसले पर उत्तराखंड सरकार की रायशुमारी भी ली, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया गया।
पिछले 19 वर्षों से राज्य की चार क्रिकेट एसोसिएशन के बीच आपसी विवाद के चलते मान्यता पर फैसला नहीं हो पा रहा था। राज्य के कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को इसका नुकसान झेलना पड़ा। वहीं, कई प्रतिभावान खिलाड़ियों ने पलायन कर दूसरे राज्यों का रूख कर लिया। अब राज्य को पूर्ण मान्यता मिलने के बाद प्रदेश की प्रतिभाओं को बीसीसीआई की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के नाम से खेलने का मौका मिलेगा।
यह उत्तराखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक दिन है। पिछले दो साल से राज्य सरकार भी इस मामले में समाधान के प्रयास कर रही थी। पूर्ण मान्यता मिलने से राज्य में अब क्रिकेट गतिविधि के संचालन में तेजी आएगी।
पिछले 19 वर्षों से राज्य की चार क्रिकेट एसोसिएशन के बीच आपसी विवाद के चलते मान्यता पर फैसला नहीं हो पा रहा था। राज्य के कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को इसका नुकसान झेलना पड़ा। वहीं, कई प्रतिभावान खिलाड़ियों ने पलायन कर दूसरे राज्यों का रूख कर लिया। अब राज्य को पूर्ण मान्यता मिलने के बाद प्रदेश की प्रतिभाओं को बीसीसीआई की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के नाम से खेलने का मौका मिलेगा।
यह उत्तराखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक दिन है। पिछले दो साल से राज्य सरकार भी इस मामले में समाधान के प्रयास कर रही थी। पूर्ण मान्यता मिलने से राज्य में अब क्रिकेट गतिविधि के संचालन में तेजी आएगी।
- अरविंद पांडेय, खेल मंत्री