फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand board examination 2017 date announced

चुनाव के बाद होंगी उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं, तारीख घोषित

Tue, 10 Jan 2017 09:25 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 10 Jan 2017 09:25 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand board examination 2017 date announced
exam

उत्तराखंड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षाएं 17 मार्च से शुरू होंगी। प्रदेश भर में 1319 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 250 केंद्र संवेदनशील और 24 केंद्र अतिसंवेदनशील घोषित किए गए हैं। हाईस्कूल में एक लाख 53 हजार एवं इंटरमीडिएट में एक लाख 33 हजार बच्चे परीक्षा देंगे।

विज्ञापन


माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं रामनगर बोर्ड के सभापति आरके कुंवर के मुताबिक इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 17 मार्च से शुरू होकर 10 अप्रैल तक चलेंगी। वहीं हाईस्कूल की परीक्षाएं इंटरमीडिएट परीक्षा के ठीक एक दिन बाद 18 मार्च से शुरू होंगी और 10 अप्रैल को खत्म होंगी।
विज्ञापन


17 अप्रैल से बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन कार्य शुरू होगा और मई अंतिम सप्ताह तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। जबकि बोर्ड के छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं अब 15 जनवरी से पांच मार्च तक होंगी। पहले प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए 15 जनवरी से 15 फरवरी तक का समय निर्धारित किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा निदेशक के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए 30 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। 13 उत्तर पुस्तिका संकलन केंद्र और 22 उप संकलन केंद्र होंगे।

कहीं प्रभावित न हो परीक्षा परिणाम
उत्तराखंड बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा तिथि घोषित कर दी है। परीक्षाएं 17 मार्च से दस अप्रैल तक चलेंगी। प्रदेश विधानसभा चुनाव 15 फरवरी को होने हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। शिक्षकों की भी मानें तो परीक्षा परिणाम पर विपरीत असर पड़ सकता है। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी चुनाव ड्यूटी से शिक्षण कार्य पर किसी भी तरह का असर पड़ने की आशंका को खारिज कर रहे हैं।

दरअसल, चुनाव के कारण शिक्षकों पर दोहरा दबाब आ गया है। अब उनका सारा ध्यान चुनाव पर केंद्रित हो जाएगा। ड्यूटी को लेकर निर्वाचन आयोग का रवैया बेहद सख्त रहा है। इसलिए शिक्षण कार्य पर असर पड़ सकता है। रिटायर्ड प्रधानाध्यापक आरएस कर्णवाल का कहना है कि चुनाव के दौरान शिक्षकों और अन्य कार्मिकों पर बहुत दबाब बढ़ जाता है।

इस दौरान शिक्षण कार्य पर विपरीत असर पड़ता ही है। इस बार भी चुनाव और परीक्षा के घालमेल से परीक्षा परिणाम पर विपरीत असर पड़ सकता है। शिक्षक नेता सुभाष सिंह चौहान ने कहा कि अब शिक्षकों का सारा ध्यान चुनाव पर ही केंद्रित हो जाएगा। लगातार ट्रेनिंग चलेगी जिससे पठन पाठन पर असर होना स्वाभाविक ही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं और चुनाव के बीच काफी समय मिलना चाहिए था।

शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह कृषाली का कहना है कि चुनाव के कारण अभी से शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण लेना होगा। कम से कम तीन बार तो प्रशिक्षण सत्र होगा ही जिससे शिक्षण कार्य पर विपरीत असर पड़ेगा। चुनाव भले ही 15 फरवरी को संपन्न हो जाएंगे लेकिन, चुनाव से संबंधित तमाम काम होते हैं जिस कारण शिक्षण कार्य पर विपरीत असर पड़ सकता है। 


प्रीबोर्ड परीक्षा दिसंबर में संपन्न हो चुकी हैं। अब तो रिवीजन का समय है। स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। चुनाव का विशेष असर पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा। चुनाव से संबंधित प्रशिक्षण कोई बहुत अधिक समय नहीं लेगा। मैं स्वयं राजकीय व अशासकीय विद्यालयों में शिक्षण कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहा हूं। बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। पठन-पाठन को पहले ही की तरह जारी रखा जाएगा। दसवीं व बारहवीं कक्षा की पढ़ाई को विशेष तव्वजो दिया जा रहा है। चुनाव के दौरान बमुश्किल तीन चार दिन का शिक्षण कार्य प्रभावित हो सकता है। लेकिन उसकी क्षतिपूर्ति अतिरिक्त कक्षाएं लगा कर की जाएगी। मुझे शिक्षकों की क्षमताओं पर विश्वास है।
- डॉ. मुकुल कुमार सती मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed