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Uttarakhand Board: 11वीं कक्षा में अगले महीने होंगे एडमिशन, अलग से तैयार हो रही एसओपी

Sun, 30 Aug 2020 11:10 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 30 Aug 2020 11:10 AM IST
सार

  • बोर्ड तैयार कर रहा प्रवेश प्रक्रिया के लिए एसओपी

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Uttarakhand Board: Admission will be done in 11th class next month, SOP being prepared separately
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड बोर्ड के स्कूलों में 11वीं में प्रवेश अगले माह से शुरू होंगे। स्कूल बदलने वाले छात्रों के लिए अलग से एसओपी तैयार की जा रही है। सरकारी स्कूलों में ज्यादातर कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट हाल ही में आने के बाद 11वीं कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया होगी।

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विभाग प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के लिए एसओपी तैयार कर रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने बताया कि जिन छात्रों का स्कूल नहीं बदलना है, उनके दाखिलों में कोई परेशानी नहीं होगी।
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दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए गाइडलाइन तैयार की जा रही है। उन्हें टीसी व अन्य दस्तावेज लेने में किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसकी भी व्यवस्था की जा रही है। 

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एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने की सरकार से मांग

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब सभी विश्वविद्यालयों ने अंतिम वर्ष की परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने मांग की है कि सभी कॉलेजों को परीक्षाओं से कम से कम 15 दिन पहले खोल दिया जाए।

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र भेजकर परीक्षाओं के संदर्भ में कुछ सुझाव भेजे हैं। उन्होंने कहा है कि अब जबकि कोरोना संक्रमण देश में लगातार तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में यूजीसी को 30 सितंबर तक परीक्षाएं कराने के आदेश में संशोधन करना चाहिए और परिस्थितियों में सुधार होने पर परीक्षाएं कराने के आदेश देने चाहिए।

30 सितंबर की बाध्यता हटाकर अलग-अलग राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार परीक्षाएं करानी चाहिए। परीक्षाएं जब भी हो उससे कम से कम 15 दिन पहले कॉलेज खोलने आवश्यक हैं।

परीक्षाओं के लिए कॉलेज खोलने हेतु शासन को विस्तृत गाइडलाइन विश्वविद्यालयों को और कॉलेजों को जारी करनी चाहिए। छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र भी अधिक बनाए जाने चाहिएं, जिससे वह अपने निकटवर्ती परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे सकें। परीक्षा देने के लिए छात्रों को लंबी दूरी ना तय करनी पड़े। 

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