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यूजीसी ने जारी किया वर्ष 2012 के रेगुलेशन में बदलाव का ड्राफ्ट, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 20 Dec 2018 10:50 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 20 Dec 2018 10:50 AM IST
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UGC released draft of change in Regulation of 2012
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अब कॉलेज के विभाग से लेकर विश्वविद्यालय तक चार समितियां छात्रों की समस्याएं सुनेंगी और उनका निवारण करेंगी। इसके अलावा कॉलेजों को दाखिले शुरू करने से 60 दिन पहले अपनी फैकल्टी से लेकर फीस तक की जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने वर्ष 2012 रेगुलेशन में बदलाव का ड्राफ्ट जारी करते हुए इस पर 31 दिसंबर तक सुझाव मांगे हैं। सुझावों पर अमल करने के बाद यूजीसी की ओर से यह संशोधित रेगुलेशन लागू कर दिया जाएगा।

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इस तरह काम करेंगी चार समितियां
1. इंस्टीट्यूशन ग्रीवांस रेड्रेसल कमेटी (आईजीआरसी) : अगर शिकायत डिपार्टमेंट ग्रीवांस रेड्रेसल समिति से संबंधित नहीं है तो वह आईजीआरसी को भेजी जाएगी। इसमें डीन या संस्थान के वरिष्ठ विशेषज्ञ चेयरमैन होंगे। इसके अलावा इस समिति में डीएसडब्ल्यू, दो सीनियर शिक्षक और प्रॉक्टर शामिल होंगे। छात्रों की समस्या पर यह 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
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2. डिपार्टमेंट ग्रीवांस रेड्रेसल कमेटी (डीजीआरसी) : किसी भी विभाग में विभागध्यक्ष इस समिति का दो साल के लिए अध्यक्ष होगा। समिति में दूसरे विभाग का एक प्रोफेसर और दो सदस्य प्रोफेसर होंगे। छात्र की समस्या हल करने की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर उस संस्थान के प्रिंसिपल को देनी होगी।
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3. कॉलेज ग्रीवांस रेड्रेसल कमेटी (सीजीआरसी) : छात्र अपनी समस्या सीजीआरसी को भी बता सकता है। इसमें कॉलेज के प्रिंसिपल चेयरमैन होंगे। वे दो शिक्षकों को इसमें सदस्य नामित करेंगे। छात्र की शिकायत पर होने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट यह समिति 15 दिन के भीतर विश्वविद्यालय के कुलपति को सौंपेगी।
4. यूनिवर्सिटी ग्रीवांस रेड्रेसल कमेटी (यूजीआरसी) : सीजीआरसी अगर समस्या का हल नहीं कर पाती है तो यह मामला यूजीआरसी के पास जाएगा। पांच सदस्यों की यह कमेटी प्रत्येक कॉलेज के लिए अलग-अलग बनाई जा सकती है। विवि चाहेगा तो कॉलेजों को ग्रुप में बांटकर भी समितियां बना सकता है। इन समितियों में विवि के वरिष्ठ प्रोफेसर को चेयरमैन बनाया जाएगा। संबद्ध कॉलेजों के प्रिंसिपल भी इस समिति में शामिल होंगे।
 

कॉलेजों के लिए निर्देश

नए रेगुलेशन में कॉलेजों के लिए भी कई दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। दाखिले शुरू होने से कम से कम 60 दिन पहले सभी कॉलेजों को कोर्स, सीटों की संख्या, फीस, पात्रता नियम, रेगुलर फैकल्टी, विजिटिंग फैकल्टी और इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होगी।

यहां दे अपना सुझाव
यूजीसी ने इस ड्राफ्ट को वेबसाइट पर जारी करते हुए सुझाव मांगे हैं। नए ड्राफ्ट पर 31 दिसंबर तक सुझाव ई-मेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। इसके लिए यूजीसी ने ई-मेल Grmhei.2018@gmail.com पर जारी किया है।

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