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फर्जी डिग्री-असली नौकरी: इधर शिक्षकों की बहाली शुरू, उधर तीन और शिक्षकों की डिग्री निकली अमान्य

Thu, 28 Mar 2019 03:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 28 Mar 2019 03:00 AM IST
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Teachers Fake documents caught in uttarakhand again 
शिक्षक - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

फर्जी/अमान्य डिग्री मामले में बर्खास्त किए गए 80 शिक्षकों के खिलाफ वैधानिक तरीके से कार्रवाई करने के लिए फिलहाल उन्हें बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाईकोर्ट ने बिना प्रक्रिया का पालन किए शिक्षकों को बर्खास्त करने पर नाराजगी जताते हुए सरकार को इस बाबत आदेश दिए थे।

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डा. आर मीनाक्षी सुंदरम (सचिव, शिक्षा) ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेश पर बर्खास्तगी में हुई प्रक्रियागत खामी को सुधारने के लिए ऐसा किया जा रहा है। शिक्षकों के जवाब मिलने के बाद एसआईटी जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
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अमर उजाला के अभियान फर्जी डिग्री-अली नौकरी पर गठित एसआईटी की जांच में राज्य के कई शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र या तो फर्जी या अमान्य पाए गए थे। ऐसे करीब 80 शिक्षकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करते हुए विभाग ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इसके खिलाफ कई शिक्षकों ने कोर्ट में अपील दायर की। कोर्ट ने नियमों का पालन न होने पर सख्त नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई थी।

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बहाली के बाद जारी होंगे नोटिस

डबल बेंच में अपील के बाद भी विभाग को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों को बर्खास्त करने से पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था। शिक्षकों को नोटिस दिए बिना एकतरफा कार्रवाई की गई। आरोपी शिक्षकों का पक्ष भी सुना जाना चाहिए था। कोर्ट ने विभाग को तय प्रक्रिया का पालन करने के आदेश दिए थे। 

इस पर सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम ने निदेशक विद्यालयी शिक्षा आरके कुंवर को शिक्षकों को बहाल करने के निर्देश दिए। निदेशक ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। 

शिक्षकों को बहाल करने के बाद शिक्षा विभाग उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। शिक्षकों से पूछा जाएगा कि जांच में उनकी डिग्री फर्जी पाई गई है। ऐसे में क्यों न उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाए। इसके बाद शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का समय दिया जाएगा। नियमानुसार शिक्षकों को दो से तीन नोटिस जारी किए जा सकते हैं। उसके बाद मेरिट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

सभी जिलों के अधिकारियों को शिक्षकों को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट के आदेश पर बहाली की कार्रवाई का जा रही है। उसके बाद नियमानुसार नोटिस जारी कर जवाब लिया जाएगा। 
-आरके कुंवर, निदेशक, विद्यालयी शिक्षा

सत्यापन में तीन और शिक्षकों की डिग्री पाई गई अमान्य

एसआईटी के सत्यापन में शिक्षकों की डिग्री अमान्य मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हरिद्वार, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के तीन और शिक्षकों की डिग्री अमान्य पाई गई है। अब इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की जा रही है। अमान्य डिग्री वाले शिक्षकों का आंकड़ा 69 तक पहुंच गया है। जबकि 20 हजार से अधिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन होना बाकी है।

शिक्षा विभाग में अमान्य डिग्री से भर्ती के इस खेल का भंडाफोड़ अमर उजाला ने किया था। शासन ने अमर उजाला की इस मुहिम का संज्ञान लेकर सीबीसीआईडी की अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे की अगुवाई में एसआईटी गठित की है। शुरूआती दौर में तो शिक्षा विभाग ने दस्तावेज उपलब्ध कराने में आनाकानी की थी। लेकिन, जब शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार किया तो दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।

एसआईटी ने पहले दौर में खुली शिकायतों के आधार पर जांच की तो कई शिक्षकों की डिग्री अमान्य पाई गई थी। उसके बाद 56 हजार प्रमाणपत्रों के सत्यापन का जिम्मा एसआईटी को दिया गया। करीब तीन माह पहले तक 66 शिक्षकों की डिग्री अमान्य पाई जा चुकी थी। इनमें से कई के खिलाफ अभी तक अभियोग पंजीकृत नहीं हो पाए हैं। एएसपी श्वेता चौबे के स्थानांतरण के बाद एएसपी सरिता डोभाल पर एसआईटी की जिम्मेदारी आ गई है। एसआईटी द्वारा कराए जा रहे सत्यापन में तीन और शिक्षकों के डिग्री अमान्य पाई गई है। 

एसआईटी द्वारा कराए जा रहे सत्यापन में तीन और शिक्षकों की डिग्री अमान्य पाई गई है। ये शिक्षक हरिद्वार, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में तैनात हैं। अब इन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की जा रही है। 20 हजार के करीब प्रमाणपत्रों का सत्यापन अभी होना बाकी है। 
सरिता डोभाल, प्रभारी एसआईटी

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