यहां विश्वविद्यालय की गलती से फेल हो गया बीएससी का छात्र, पढ़ें पूरा मामला
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कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन की गलती बैलपड़ाव निवासी बीएससी फाइनल के छात्र नीरज मौलेखी पर भारी पड़ रही है। उसके केमिस्ट्री के तीसरे पेपर में महज एक अंक दर्ज था।
परीक्षाफल सुधार परीक्षा में भी नंबर नहीं बढ़े। ऐसे में छात्र ने सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत कॉपी निकलवाई तो देखा कि परीक्षक ने कॉपी में 13 नंबर दिए थे। इसलिए अब पीड़ित छात्र ने विवि के कुलपति से रिजल्ट में सुधार की गुहार लगाने का निर्णय लिया है।
आरटीआई के तहत मांगी सुरक्षा
नीरज केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी से बीएससी कर रहा है। परीक्षा का रिजल्ट 14 जून को आया तो केमिस्ट्री के तीसरे पेपर में केवल एक अंक दर्ज था। इस पर उसे विश्वास नहीं हुआ। इसलिए उसने परीक्षाफल सुधार परीक्षा के लिए आवेदन किया। 31 अक्तूबर को घोषित इसके रिजल्ट में भी केमिस्ट्री के तीसरे पेपर में महज एक ही अंक दर्ज था।
उसने आरटीआई के तहत कुमाऊं विवि से केमिस्ट्री के तीसरे पेपर की कॉपी मांगी। शुक्रवार को उसे डाक से केमिस्ट्री के तीसरे पेपर की फोटोस्टेट कॉपी मिली तो देखा कि इसमें परीक्षक ने उसे 13 अंक दिए थे। यदि यह 13 अंक उसके परीक्षाफल में जुड़ते तो वह पास हो जाता।