फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Strict orders to schools for Heavy school bag and Homework in uttarakhand

कक्षा दो तक के बच्चों को होमवर्क दिया तो स्कूल की मान्यता होगी निरस्त, बैग का वजन भी तय

Fri, 26 Apr 2019 08:36 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 26 Apr 2019 08:36 AM IST
विज्ञापन
Strict orders to schools for Heavy school bag and Homework in uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के सरकारी और निजी स्कूलों में यदि कक्षा एक से लेकर दो तक के बच्चों को शिक्षकों की ओर से गृह कार्य दिया गया तो ऐसे स्कूलों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। इसे सुनिश्चित कराने के लिए विभागीय स्तर पर सचल दल का गठन किया जाएगा। सचिव शिक्षा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम की ओर से इस संबंध में निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को आदेश जारी कर दिए हैं।

विज्ञापन


सचिव शिक्षा डॉ. सुंदरम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कक्षा एक से दो तक बच्चों को कोई गृह कार्य नहीं दिया जाए जबकि कक्षा तीन से ऊपर के बच्चों को प्रति सप्ताह दो घंटे का गृह कार्य दिया जा सकता है।
विज्ञापन


स्कूलों में यह सुनिश्चित कराया जाए कि विद्यार्थियों को अतिरिक्त गृह कार्य तो नहीं दिया जा रहा है। पाठ्यक्रम एवं विषय को लेकर भी आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि कक्षा एक से दो तक के बच्चों को भाषा एवं गणित के अलावा कोई विषय न पढ़ाया जाए। जबकि कक्षा तीन से लेकर पांच तक के बच्चों को भाषा, गणित एवं पर्यावरण विज्ञान के अलावा अन्य विषय न पढ़ाए जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सचिव का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों में सीबीएसई द्वारा लागू एनसीईआरटी की पुस्तकें उपयोग में लाई जा रही हैं। बच्चों के स्कूूली बैग वजन को लेकर भी आदेश जारी किए गए हैं।

कक्षा एक से दो तक के बच्चों के बैग का वजन डेढ़ किलोग्राम से अधिक न हो। तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों के बैग का वजन दो से तीन किलोग्राम। छठी से आठवीं तक के बच्चों के बैग का वजन चार किलोग्राम तक होना चाहिए।

आठवीं और नौंवी कक्षा के बच्चों के बैग का वजन साढ़े चार किलोग्राम तक हो और दसवीं के बच्चों के बैग का वजन पांच किलोग्राम तक हो सकता है। सचिव शिक्षा ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को निर्देशित किया है कि विद्यालयों की औचक जांच के लिए सचल दल का गठन किया जाए।

यह स्कूलों में इस बात की जांच करें कि आदेशों का पालन किया जा रहा है या नहीं? यदि किसी स्कूल में आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो ऐसे स्कूलों का पंजीकरण निरस्त किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed