सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सों की भर्ती का रास्ता साफ, लिखित परीक्षा से होगा चयन
- पहली बार बने नर्सों की भर्ती के नियम, लिखित परीक्षा से होगा चयन
- मेडिकल कालेजों में दूर होगी नर्सिंग स्टाफ की समस्या
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उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ नर्सों की भर्ती का रास्ता खुल गया है। नर्सों की सीधी भर्ती के लिए मंत्रिमंडल ने नियमावली को मंजूरी दी है। अभी तक नर्सों की नियुक्ति के लिए नियम न बनने से मेडिकल कालेजों में भर्ती नहीं हो पा रही थी।
प्रदेश के राजकीय मेडिकल दून, हल्द्वानी, श्रीनगर में अब स्टाफ नर्सों की कमी दूर की जा सकेगी। प्रदेश के तीनों मेडिकल कॉलेजों में 950 से अधिक नर्सों की सीधी भर्ती के लिए पहली बार नियमावली बनाई है।
अब मेडिकल कॉलेजों में नर्सों की भर्ती के लिए उत्तराखंड मेडिकल चयन बोर्ड के माध्यम से लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। सरकार ने नर्सिंग डिप्लोमा के अंकों के आधार नियुक्ति देने की व्यवस्था समाप्त कर दी है।
सेवा नियमावली के अनुसार, नर्सों की सीधी भर्ती में 80 प्रतिशत पदों पर महिलाओं और 20 प्रतिशत पद पर पुुरुषों का चयन किया जाएगा। महिलाओं में भी 70 प्रतिशत नियुक्ति जनरल और मिडवाइफरी और 30 प्रतिशत नर्सिंग डिग्री धारकों से की जाएगी।
प्रदेश में स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की नियमावली न होने से मेडिकल कॉलेजों में सीधी भर्ती नहीं हो रही थी। इससे मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स और स्वास्थ्य विभाग की नर्सों की सेवाएं ली जा रही थी।