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बदलेगा श्रीदेव सुमन विवि का परीक्षा पैटर्न, अब इनमें पास होना होगा अनिवार्य
Thu, 21 Feb 2019 01:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई टिहरी
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 21 Feb 2019 01:33 PM IST
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shri dev suman university
नए सत्र से श्रीदेव सुमन विवि का परीक्षा पैटर्न बदल जाएगा। अभ्यर्थी को अब लिखित और प्रयोगात्मक परीक्षा अनिवार्य रूप से पास करनी होगी। अंकतालिका में लिखित और प्रयोगात्मक परीक्षा के पूर्णांक और प्राप्तांक अलग-अलग अंकित किए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है।
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श्रीदेव सुमन विवि ने अपने नियम (आर्डिनेंस) तय कर लिए है। स्नातक स्तर पर बीए, बीएससी, बीकॉम और बीएससी कृषि विषयों की परीक्षा के मूल्यांकन का पैटर्न विवि ने बदल दिया है। अब सभी विषयों की लिखित परीक्षा 70 अंक के बजाय 80 और प्रयोगात्मक परीक्षा 30 की जगह 20 अंकों की होगी। विवि के कुलपति डा. यूएस रावत का कहना है कि परीक्षा पैटर्न बदलने से अभ्यर्थी को प्रयोगात्मक और लिखित परीक्षा में अनिवार्य रूप से पास होना होगा। प्रयोगात्मक और लिखित परीक्षा के अंक एक साथ नहीं जुड़ेंगे। नया पैटर्न लागू होने से छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोगात्मक परीक्षा के प्रति भी रुचि बढ़ेगी।
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कुलपति डा. रावत ने बताया कि स्नातक कक्षाओं के लिए सेमेस्टर सिस्टम के अनुरूप नया पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की कमेटी गठित कर दी गई है। परीक्षा का नया पैटर्न नए शिक्षा सत्र में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा से लागू किया जाएगा। विवि ने यह भी तय किया है कि पांच साल में अभ्यर्थी को स्नातक और चार साल में स्नातकोत्तर परीक्षा अनिवार्य रूप से पास करनी होगी। स्नातक में पांच साल और स्नातकोत्तर में चार साल से अधिक गैप इयर की व्यवस्था को विवि ने पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
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