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खतरे में आयुर्वेद विवि के गुरुकुल परिसर की मान्यता
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 02 Jul 2016 10:42 AM IST
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उत्तराखंड आयुर्वेद विवि के गुरुकुल परिसर की मान्यता एक बार फिर खतरे में आ गई है। दरअसल, विवि ने दो साल पहले इसे अपना परिसर बनाया था लेकिन आज तक फैकल्टी की कमी पूरी नहीं की है। इन दिनों गुरुकुल परिसर में सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन(सीसीआईएम) की टीम निरीक्षण को आई हुई है। ऐसे में परिसर में मानक पूरे न होने पर मान्यता खतरे में आ सकती है।
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दो साल पहले गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज की मान्यता फैकल्टी की कमी की वजह से अधर में लटक गई थी। बाद में इस संस्थान को उत्तराखंड आयुर्वेद विवि ने अपना परिसर बना लिया था। तात्कालिक तौर पर विवि ने शपथ पत्र देकर संविदा पर भर्ती शिक्षकों के आधार पर मान्यता बचा ली थी।
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विवि ने नहीं की शिक्षकों की भर्ती
अब संविदा वाले शिक्षकों की समयसीमा पूरी हो चुकी है। यहां नए शिक्षकों की भर्ती होनी थी लेकिन उत्तराखंड आयुर्वेद विवि को इसकी कोई चिंता ही नहीं है। विवि ने यहां अब तक भर्ती नहीं की। नतीजतन इस वक्त गुरुकुल परिसर में करीब 50 प्रतिशत फैकल्टी ही उपलब्ध है।
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मामले में विवि के कुलपति प्रो. सत्येंद्र प्रसाद मिश्र से बात करने का प्रयास किया गया। उन्होंने फोन नहीं उठाया, मैसेज का भी जवाब नहीं दिया। जब उनका जवाब आएगा तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। दूसरी ओर गुरुकुल परिसर की निदेशक मीना आहूजा ने बताया कि फिलहाल उनके पास काफी हद तक फैकल्टी की कमी दूर हुई है।