उत्तराखंड: अब मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग में करें पीएचडी, पहली बार शुरू होने जा रही यह व्यवस्था
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नर्सिंग, मेडिकल और पैरामेडिकल के क्षेत्र में पीजी करने के बाद अब छात्रों को पीएचडी के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। उत्तराखंड में इस साल से इन विषयों में पीएचडी की शुरुआत होने जा रही है। एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय इसका नोटिफिकेशन जारी करने जा रहा है।
एचएनबी मेडिकल विवि के कुलपति प्रो. हेमचंद्र ने बताया कि प्री और पैरा क्लीनिकल विषयों के अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल में पीएचडी की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि यूजीसी रेगुलेशन 2009 के तहत प्रोफेसर के निर्देशन में अधिकतम आठ, एसोसिएट प्रोफेसर के निर्देशन में अधिकतम छह और असिस्टेंट प्रोफेसर के निर्देशन में अधिकतम चार पीएचडी छात्रों का नामांकन होगा।
प्रवेश परीक्षा और फिर कोर्स वर्क
नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। खास बात यह भी है कि पीएचडी के लिए विवि के संबद्ध कॉलेजों को ही केंद्र बनाया जाएगा। जिस कॉलेज में जितने प्रोफेसर, एसोसिएट या असिस्टेंट प्रोफेसर होंगे, उसी हिसाब से पीएचडी की सीटों का आवंटन होगा।
यूजीसी रेगुलेशन के हिसाब से ही पीएचडी कराई जाएगी। एचएनबी मेडिकल विवि के कुलसचिव प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि पहले प्रवेश परीक्षा होगी। इसके बाद शोधार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद छह माह का कोर्स वर्क होगा। प्रवेश परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया इसी माह शुरू हो जाएगी। संभावित तौर पर जुलाई से पीएचडी की शुरुआत हो जाएगी।