पंतनगर विवि: मास्टर्स और पीएचडी के लिए इस साल होगी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा
- स्नातक में प्रवेश के लिए आईआईएसईआर की गाइडलाइन के अनुसार तय होंगे मानक
- सभी पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने पर सहमति, स्नातक हर विषय में बढ़ीं 10 फीसदी सीटें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के एकेडमिक काउंसिल (एसी) की मंगलवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय हुआ कि स्नातक में प्रवेश के लिए एमएचआरडी के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजूकेशन रिसर्च (आईआईएसईआर) की गाइडलाइन के अनुसार मानक तय कर मेरिट आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। मास्टर्स और पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन आयोजित होगी। इसे अलग-अलग तिथियों में कराया जाएगा। स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत सीटें बढ़ाने पर सहमति के साथ ही विवि को अब आवासीय परिसर के दायरे से हटा दिया गया है।
गांधी हॉल में मंगलवार को दूसरे दिन हुई विवि की 390वीं एसी की बैठक कुलपति डॉ. तेज प्रताप की अध्यक्षता में हुई। कुलसचिव और बैठक के संयोजक डॉ. जे. कुमार ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक स्तर में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित न कर आईआईएसईआर के अनुसार एक मानक तय कर मेरिट आधार पर प्रवेश दिए जाएं। कक्षा 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के गणित, फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी और एग्रीकल्चर विषय के अंक जोड़ कर मेरिट बनाई जाए। दोनों में जो ठीक हो उसे लागू किया जाए। इसके लिए संयोजक प्रवेश को अधिकृत किया गया है कि वे एडमिशन कमेटी के सामने इस प्रस्ताव का रखकर स्वीकृत कराएं।
दीक्षांत समारोह अगस्त में ऑनलाइन कराने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश की राज्यपाल और विवि कुलाधिपति से बात कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। स्नातक स्तर के कृषि स्नातक, गृह विज्ञान, फिशरीज और वेटरनरी में 10 प्रतिशत सीटें कुल सीटों के अतिरिक्त सेल्फ फाइनेंस के तौर पर भरी जाएंगी, जिसे 2021-22 सत्र से लागू किया जाएगा। इसके लिए पहले विवि प्रबंध परिषद से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। बताया कि एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिसमें विवि को अब आवासीय परिसर से बाहर कर दिया गया है। अब विद्यार्थियों के लिए यह आवश्यक नहीं होगा कि वह छात्रावास में रहकर ही शिक्षा ग्रहण करें। वह निकटवर्ती क्षेत्रों से आकर भी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
शुरू होंगे रोजगारपरक सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स
विवि की एसी की बैठक में मंगलवार को कृषि, होमसाइंस और वेटरनरी के लगभग 23 विषयों में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स संचालित करने पर भी मुहर लगी है। कुलसचिव डॉ. जे. कुमार ने बताया कि डिप्लोमा कोर्स छह माह और सर्टिफिकेट कोर्स तीन माह का होगा। विवि में अध्ययनरत छात्र भी इन कोर्सों को कर सकते हैं, जिससे उन्हें रोजगार पाने में आसानी होगी। इन कोर्सेज में मधुमक्खी पालन, बेकरी प्रोडेक्शन, मार्डन हॉर्टीकल्चर, फूड एंड न्यूट्रिशन डिप्लोमा, डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी आदि प्रमुख हैं।
विवि के वार्षिक परीक्षाएं होंगी ऑनलाइन
एसी की बैठक में विवि की वार्षिक परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने पर भी सहमति बनी। डॉ. कुमार ने बताया कि वार्षिक परीक्षा को जुलाई के अंतिम सप्ताह में शुरू किया जाएगा। इसमें सबसे पहले पीएचडी के विद्यार्थियों को मौका दिया जाएगा। इसके बाद मास्टर्स के अंतिम वर्ष, फिर स्नातक स्तर के अंतिम वर्ष के छात्रों की ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी। बताया कि अंतिम वर्ष की परीक्षाएं इसलिए पहले कराई जा रही हैं क्योंकि इन विद्यार्थियों को आगे अन्य कक्षाओं या रोजगार पाने के लिए जाना होता है। तृतीय, द्वितीय और प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए इन सब की परीक्षाओं की समाप्ति के बाद परीक्षा आयोजित होगी।
एआईसीटीई मानदंडों के अनुसार टेक्नोलॉजी में बढ़ाई गईं सीटें
सहमति बनी कि टेक्नोलॉजी कॉलेज में सभी विषयों में इतनी सीटें बढ़ाई जाएं, जितनी विवि के लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) के मानदंडों के अनुसार निर्धारित की गई हैं। बता दें कि पूर्व कुलपति डॉ. मंगला राय ने टेक्नोलॉजी के प्रत्येक पाठ्यक्रम में सीटों को कम कर दिया था, अब उन्हें पुन: बहाल कर दिया गया है। इसके लिए की 10 प्रतिशत सीटें स्व वित्त पोषित रखी गई हैं।
बीटेक फूड टेक नया पाठ्यक्रम शुरू होगा
डॉ. कुमार ने बताया कि कृषि महाविद्यालय के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एक नया पाठ्यक्रम ‘बीटेक फूड टेक’ शुरू किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम भी स्व वित्त पोषित होगा। इसके लिए प्रवेश परीक्षा विवि की ओर से ही आयोजित की जाएगी।