नीट 2019: नंगे पैर भी दी कई छात्रों ने परीक्षा, 510 अंकों पर मिल सकती है सरकारी सीट
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प्रवेश परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों से पहले जूते उतरवाए गए। चप्पल वालों को सीधे एंट्री मिली। लेकिन, कई अभ्यर्थियों को नंगे पैर परीक्षा में बैठना पड़ा। रविवार को जिला प्रशासन और पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एनटीए नीट का आयोजन किया गया। परीक्षा को लेकर पहले से काफी सतर्कता थी।
अभ्यर्थियों के लिए सुबह साढ़े सात बजे से दरवाजे खोल दिए गए थे। जो अभ्यर्थी जूते पहनकर परीक्षा देने पहुंचे थे, उनके जूते बाहर निकलवा दिए गए। ज्यादातर अभ्यर्थी हवाई चप्पल पहनकर परीक्षा देने पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, एनटीए ने इस साल प्रश्नपत्रों को लेकर खास बदलाव किए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में ही पेन दिया गया था। इस साल बोर्ड ने सभी पेन भी वापस लिए।
510 अंकों के आसपास मिल सकती है सरकारी सीट
नीट में 720 में से 510 अंकों के आसपास सरकारी सीट मिल सकती है। जिन अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी है, उन्हें 135 या इससे ऊपर के अंकों पर प्राइवेट कॉलेज में दाखिला मिलने की संभावना है। यानी इतने अंकों पर वह नीट क्वालिफाई कर सकते हैं।
एनटीए नीट में कुल 180 प्रश्न पूछे गए। चार अंक का एक प्रश्न था यानी पूरा पेपर 720 अंकों का था। परीक्षा के बाद विशेषज्ञों का कहना है इस साल नीट की कटऑफ में मामूली उछाल आ सकता है लेकिन ज्यादा नहीं होगा। नीट में जो छात्र 510 या इससे ऊपर अंक हासिल करेंगे, उन्हें आसानी से सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस की सीट मिल सकती है।
जो छात्र 135 या इससे ऊपर अंक हासिल करेंगे, वह समझो नीट क्वालिफाई कर लेंगे और निजी कॉलेज में सीट मिलने की संभावना है। अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा के मुताबिक, नीट में इस बार भी मेहनत से सवाल हल करने वालों को आसानी होगी।
जबकि तुक्का मारने वालों को नुकसान होगा। क्योंकि इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी थी। अचीवर्ज क्लासेज के सीईओ मनु पंत के मुताबिक परीक्षा में 510 से ऊपर अंक लाने वाले अभ्यर्थियों के चयन की संभावनाएं प्रबल हैं। एमबीबीएस के अलावा इस परीक्षा से वेटरेनरी, बीडीएस और एएफएमसी की राह भी खुली हुई है।