एमबीबीस: दिव्यांगों की आरक्षित सीटों के लिए नहीं मिल रहे अभ्यर्थी, खाली रह गईं 40 सीटें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉक्टर बनने की चाहत रखने वाले दिव्यांग युवाओं की भारी कमी सामने आई है। उत्तराखंड में पहले चरण की काउंसिलिंग के बाद एमबीबीएस की 40 सीटें खाली रह गई हैं। इनमें ज्यादातर दिव्यांग छात्रों की आरक्षित सीटें हैं। अब दूसरे चरण की काउंसिलिंग में इन पर दावा करने का मौका दिया जाएगा।
एचएनबी मेडिकल विवि ने पहले चरण की काउंसिलिंग के तहत शुक्रवार को सीटें आवंटित की गईं। पहले चरण में प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में एमबीबीएस की 40 सीटें खाली रह गई हैं।
इनमें हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में छह, दून मेडिकल कॉलेज में आठ, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में तीन, हिमालयन मेडिकल कॉलेज में आठ और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में 15 सीटें शामिल हैं। अब इन खाली सीटों पर दूसरे चरण की काउंसिलिंग में मौका दिया जाएगा। जिन दिव्यांग अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा क्वालिफाई की है, वह दूसरे चरण की काउंसिलिंग में हिस्सा ले सकते हैं।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण नहीं
नीट यूजी काउंसिलिंग में पहले तय किया गया था कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में भी ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ दिया जाएगा, लेकिन एचएनबी मेडिकल विवि ने लाभ नहीं दिया है। विवि के कुलसचिव प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि एमसीआई से बाद में इस संबंध में निर्देश मिले थे कि जिन कॉलेजों में सीटें बढ़ी हैं, केवल वहीं ईडब्ल्यूएस का लाभ दिया जाएगा। इसकी सूचना वेबसाइट पर भी जारी कर दी गई है।
किस कॉलेज में किस कैटेगरी की कितनी सीटें खाली
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी
जनरल दिव्यांग : 2
एससी दिव्यंाग : 2
ओबीसी दिव्यांग : 1
ईडब्ल्यूएस : 1
दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून
जनरल दिव्यांग : 4
जनरल फ्रीडम फाइटर : 1
एससी दिव्यांग : 1
ओबीसी दिव्यांग : 1
ईडब्ल्यूएस दिव्यांग : 1
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर
एससी दिव्यांग : 1
ईडब्ल्यूएस दिव्यांग : 1
ओबीसी दिव्यांग : 1
हिमालयन मेडिकल कॉलेज, जौलीग्रांट
जनलर फ्रीडम फाइटर : 1
जनरल दिव्यांग : 2
एससी ओपन : 2
एससी डीपीडब्ल्यू : 1
एससी दिव्यांग : 1
ओबीसी दिव्यांग : 1
एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, देहरादून
जनरल फ्रीडम फाइटर : 1
जनरल दिव्यांग : 2
एससी ओपन : 7
एससी डीपीडब्ल्यू : 1
एससी पीएच : 1
एससीडब्ल्यू : 1
ओबीसी डीपीडब्ल्यू : 1
ओबीसी दिव्यांग : 1