एमबीबीएस का पैटर्न बदला, अब छात्रों को पढ़ाई के साथ ही बनानी होगी लॉग बुक
- मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने जारी की लॉग बुक, हर लेक्चर और प्रैक्टिकल की पूरी जानकारी होगी अपडेट
- सब्जेक्ट टीचर की ओर से दिए जाएंगे रिमार्क्स,-एमसीआई ने इस साल से बदल दिया है एमबीबीएस का पैटर्न
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एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों की पढ़ाई का पैटर्न बदल गया है। बदले हुए पैटर्न के साथ ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने लॉगबुक भरनी अनिवार्य कर दी है। इससे हर रोज होने वाली गतिविधि की पूरी जानकारी अपडेट होगी।
एमसीआई की ओर से जारी की गई लॉगबुक में छात्रों का पूरा मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने किस दिन कौन सा टॉपिक पढ़ा, उसमें क्या सीखा, उस टॉपिक से जुड़ा क्या प्रैक्टिकल किया? इस पर सब्जेक्ट टीचर ने क्या रिमार्क दिया।
ऐसे तमाम सवालों के जवाब रोजाना तैयार करने होंगे। एमसीआई ने सब्जेक्ट को भी व्यवहारिकता से जोड़ दिया है। इसके तहत अब पढ़ाई का पैटर्न केस स्टडी पर फोकस हो गया है। यानी अगर हार्ट से जुड़ा टॉपिक है तो केस स्टडी देकर छात्रों को समझाया जाएगा। उनसे केस स्टडी के आधार पर ही सवाल भी पूछे जाएंगे। एमसीआई की वेबसाइट पर लॉगबुक का परफॉर्मा देखा जा सकता है।
यह बदलाव हुआ लागू
एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को थ्योरी आधारित पढ़ाई के बजाए प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही छात्रों को स्थानीय भाषाओं पर पकड़ बनाने और मरीजों से बेहतर संवाद भी अब कॉलेज में सिखाए जा रहे हैं।
कोर्स में कंटेंट के साथ कोई बदलाव नहीं करते हुए एमसीआई ने कुछ नए विषय मेडिकल के छात्रों के लिए जोड़ दिए हैं। दक्षता आधारित एमबीबीएस की पढ़ाई, प्रैक्टिकल और परीक्षा के पैटर्न को भी बदला है। इस सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई की शुरुआत फाउंडेशन कोर्स से हुई है।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने लॉगबुक अनिवार्य कर दी है। इससे न केवल छात्र बल्कि शिक्षकों का भी एक तरह से मूल्यांकन होगा। रोजमर्रा की गतिविधियां इस रोजनामचे में शामिल होंगी।
-प्रो. विजय जुयाल, एग्जाम कंट्रोलर, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी