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उत्तराखंड: अभिभावकों को राहत देने की तैयारी, ट्यूशन फीस को छोड़ अन्य मदों में शुल्क लेने पर लग सकती है रोक

Thu, 30 Apr 2020 03:00 AM IST
अलका त्यागी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 30 Apr 2020 03:00 AM IST
सार

  • ऑनलाइन क्लास न चलाने वाले स्कूल नहीं ले सकेंगे किसी भी तरह की फीस
  • जो स्कूल ऑनलाइन पढ़ा रहे वो भी केवल ट्यूशन फीस ही लेने के हैं हकदार

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Lockdown uttarakhand: Fees in other items except tuition fees may be banned
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड सरकार कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच अभिभावकों को स्कूल फीस को लेकर राहत देने की तैयारी में है। बच्चों से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी मद में फीस न लेने का आदेश जारी हो सकता है। वहीं, ऐसे स्कूल जो ऑनलाइन क्लास नहीं चला रहे हैं और फीस की मांग कर रहे हैं, वे स्कूल किसी भी तरह की फीस नहीं ले सकेंगे।

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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक स्कूल फीस के संबंध में शिक्षा सचिव को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सचिव को कहा गया है कि कोई भी स्कूल फीस न बढ़ाए। सचिव को अन्य मदों में ली जा रही फीस की समीक्षा के भी निर्देश दिए गए हैं।
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शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक प्रदेश में स्कूल बंद हैं। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इसमें भी कई स्कूल ऐसे हैं, जो फीस की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन स्कूलों की ओर से ऑनलाइन क्लास नहीं चलाई जा रही है।

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अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

उन्होंने कहा कि इस तरह के स्कूल किसी भी तरह की फीस नहीं ले सकेंगे। वहीं, ऐसे स्कूल जो ऑनलाइन बच्चों को पढ़ा रहे हैं वे केवल ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे। कंप्यूटर, ट्रांसपोर्ट, स्पोर्ट्स आदि विभिन्न मदों की फीस स्कूल नहीं ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि कुछ स्कूलों की फीस और किताबों के संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। यह स्कूल फीस बढ़ाकर ले रहे हैं। वहीं, इन स्कूलों की ओर से एनसीईआरटी की किताबें नहीं लगाई जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि इस संबंध में संबंधित क्षेत्र के विभागीय अधिकारी को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

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