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Janmashtami 2023: बदरीनाथ धाम में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम, पूजा-अर्चना को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Wed, 06 Sep 2023 07:32 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर(चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर(चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 06 Sep 2023 07:32 PM IST
सार

बुधवार को रात दो बजे तक बदरीनाथ मंदिर तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहेगा। बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े चार के बजाय सुबह सवा छह बजे से बदरीनाथ भगवान की अभिषेक पूजा शुरू होगी।

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Krishna Janmashtami 2023 celebrated in Badrinath Dham crowd of devotees gathered for worship
जन्माष्टमी पर बदरीनाथ धाम में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोपेश्वर चमोली जनपद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। बदरीनाथ धाम में जन्माष्टमी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं के साथ ही तीर्थयात्रियों की काफी भीड़ जुटी रही। इस दौरान भगवान बदरीनाथ का फूलों से शृंगार किया गया। जन्माष्टमी के कारण बदरीनाथ मंदिर रात दो बजे तक खुला रहेगा। 

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बदरीनाथ मंदिर रात दस बजे शयन आरती के बाद बंद हो जाता है लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कारण बुधवार को रात दो बजे तक बदरीनाथ मंदिर तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहेगा। बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े चार के बजाय सुबह सवा छह बजे से बदरीनाथ भगवान की अभिषेक पूजा शुरू होगी।
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वहीं गोपीनाथ मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। नंदप्रयाग स्थित गोपाल मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण और राधा के भजन गाए गए। मंडल घाटी के चिल्ड्रन एकेडमी सगर में जन्माष्टमी पर्व पर नन्हें-बच्चे कान्हा और राधा की वेशभूषा में स्कूल पहुंचे। अक्षत नाट्य संस्था की ओर से भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही अनुष्ठान हुआ।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी घराें में छह सितंबर को, वहीं मंदिरों में सात सितंबर को मनाई जाएगी। अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के अध्यक्ष केशव भारती ने बताया कि सप्तमी और अष्टमी मिलाकर जन्माष्टमी नहीं मनाई जाती है, जिस तिथि में सूर्य उदय होता है उसी तिथि में जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

इसलिए मंदिरों में सात सितंबर को ही जन्माष्टमी मनाई जाएगी। डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि दोनों दिन जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस बार जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त छह सितंबर को रात 11:57 बजे से मध्य रात 12:42 बजे तक है।

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