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Joshimath: तहसील भवन और 89 घरों में आई दरारें, जेपी कॉलोनी में ध्वस्त होंगे 15 असुरक्षित भवन

Tue, 17 Jan 2023 09:05 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून/ जोशीमठ
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून/ जोशीमठ Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 17 Jan 2023 09:05 PM IST
सार

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने मंगलवार को पत्रकारों से इस संबंध जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांधीनगर में एक, सिंहधार में दो, मनोहरबाग में पांच, सुनील में सात क्षेत्र असुरक्षित घोषित किए गए हैं।

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Joshimath sinking: cracks in tehsil building and 89 more houses today
दरारें - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

जोशीमठ में भू-धंसाव के बाद नए घरों में दरारों के आने का सिलसिला जारी है। हालांकि शासन-प्रशासन के अधिकारियों को दावा है कि नए घरों में दरारें नहीं आई हैं। सर्वे के साथ नए दरार वाले घरों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को 89 नए घरों में दरारें दर्ज की गईं। इस तरह से दरार वाले घरों की संख्या बढ़कर 849 हो गई है।

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सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने मंगलवार को पत्रकारों से इस संबंध जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांधीनगर में एक, सिंहधार में दो, मनोहरबाग में पांच, सुनील में सात क्षेत्र असुरक्षित घोषित किए गए हैं। इन वार्डो में 167 भवन असुरक्षित क्षेत्र घोषित किए गए हैं। यहां के 250 परिवारों के 838 सदस्यों को सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। जिन्हें प्रशासन की ओर से चिह्नित शिविरों में रखा गया है।
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उन्होंने बताया कि अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कमरों में 2190 लोगों और पीपलकोटी में 491 कमरों में 2205 लोगों ठहराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से अभी तक 207 प्रभावित परिवारों को तीन करोड़ 27 लाख 27 हजार रुपये की धनराशि वितरित कर दी गई है।
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जेपी कॉलोनी में ध्वस्त किए जाएंगे 15 असुरक्षित भवन
जोशीमठ के सबसे निचले हिस्से में बसी जेपी कॉलोनी में भविष्य के खतरों को देखते हुए करीब 15 असुरक्षित घरों को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा। इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही बता दिया गया है। जिलाधिकारी से सर्वे कराकर रिपोर्ट मांगी गई है। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि जोशीमठ में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सीबीआरआई की ओर से सर्वे करने के बाद असुरक्षित दो होटलों को वैज्ञानिक तरीके से ध्वस्त किया जा रहा है।

इसी तरह से जेपी कॉलोनी में करीब 15 घर चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें सीबीआरआई की रिपोर्ट के आधार पर रहने के लिए लिहाज से असुरक्षित घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि सीबीआरआई की ओर से भवनों के क्षति के आकलन के साथ ही क्रेक मीटर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि बढ़ती दरारों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने बकाया कि अभी तक करीब साढ़े आठ सौ घरों में दरारें देखी गई हैं। जबकि 167 घरों को रहने के लिहाज से पूरी तरह से असुरक्षित घोषित किया गया है। इन घरों में लाल निशान लगा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल नए घरों में दरारें आने की बात सामने नहीं आई है।

तहसील भवन में भी आई दरारें, प्रशासन की चिंता बढ़ी
भू-धंसाव का असर तहसील भवनों पर भी पड़ा है। तहसील के मुख्य भवन की दीवारों पर भी दरारें पड़ी हैं, जिससे तहसील से लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। तहसील के ऊपरी हिस्से में मनोहर बाग वार्ड में कई भवन दरार आने से जीर्णशीर्ण हो गए हैं, जबकि निचले हिस्से में लोक निर्माण विभाग का निरीक्षण भवन भी टूटने के कगार पर है, जिससे तहसील को भी खतरा बना हुआ है। जोशीमठ में जिस क्षेत्र में तहसील स्थित है, वहां की जमीन को सबसे सुरक्षित जगह माना जाता था। तहसील भवनों के निचले क्षेत्र में हार्ड रॉक है। लेकिन भू-धंसाव का असर तहसील के मुख्य भवन पर भी हुआ है। इन दिनों आपदा से संबंधित सभी कार्य तहसील से ही संपन्न हो रहे हैं।

जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी का कार्यालय भी यहीं से संचालित हो रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों अधिकारी यहां आवाजाही कर रहे हैं। तहसील परिसर में आपदा प्रभावितों का धरना भी चल रहा है। तहसील भवन के एक हिस्से में दरार आ गई हैं। जिला प्रशासन ने सीबीआरआई से दरारों के अध्ययन के लिए कहा तो वैज्ञानिकों की टीम ने भवनों का निरीक्षण कर दिया है। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि तहसील भवन पर हल्की दरारें आई हैं। यदि जरुरत पड़ी तो तहसील के जरूरी दस्तावेज गढ़वाल मंडल विकास निगम के भवनों के साथ ही अन्य सुरक्षित स्थानों पर रखे जाएंगे। डीएम ने कहा कि जहां पहले दरार पड़ी थी, वहीं दरारें बढ़ रही हैं। तहसील साइड अभी असुरक्षित नहीं है। सीबीआरआई की सलाह के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।

466 प्रभावित परिवारों को 3.01 करोड़ से अधिक की अंतरिम राहत
जोशीमठ में भू-धंसाव के बीच राज्य सरकार की ओर से अंतरित सहायता के रूप में मरहम लगाने का काम भी जारी है। अभी तक राज्य सरकार की ओर से प्रति परिवार विस्थापन के लिए अग्रिम रूप से 466 प्रभावित परिवारों को तीन करोड़ एक लाख रुपये की धनराशि वितरित कर दी गई है। डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि प्रभावितों को वितरित राहत राशि के तहत प्रति परिवार पांच हजार रुपये की दर से घरेलू राहत सामाग्री के लिए अभी तक 73 प्रभावित परिवारों को कुल 3.65 लाख रुपये की राहत राशि दी गई है। पूर्ण क्षतिग्रस्त भवन 10 प्रभावितों को 13 लाख रुपये धनराशि वितरित की गई है। जबकि मकान किराये के रूप में 12 हजार रुपये और विस्थापन नीति के तहत एक लाख रुपये प्रति परिवारा के हिसाब से 190 परिवारों को 190 लाख रुपये, जबकि इतने ही परिवारों को समान ढुलाई और अन्य खचों के लिए 50 हजार रुपये की दर से 95 लाख रुपये की राहत राशि बांटी गई है। उन्हाेंने बताया कि अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कमरों में 2190 लोगों और पीपलकोटी में 491 कमरों में 2205 लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है।

बड़गिंडा तोक के 41 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बजट जारी
तहसील जोशीमठ के अंतर्गत उर्गम गांव के बड़गिंडा तोक के 41 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। शासन ने इन परिवारों के विस्थापन के लिए 1.84 करोड़ धनराशि जारी की है। इसमें हर परिवार को चार लाख रुपये भवन निर्माण के लिए, गोशाला निर्माण के लिए 15 हजार, विस्थापन भत्ता 10 हजार और काश्तकारों को व्यवसाय के लिए 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। राज्य स्तरीय पुनर्वास समिति की संस्तुति के बाद बजट जारी किया गया है।

प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए वह स्वीकृत की गई है। बताया कि किसी परिवार के मुखिया के पुत्र-पुत्रियों को अलग-अलग तभी माना जाएगा जब उनका नाम परिवार रजिस्टर में अंकित होगा और उनका अलग-अलग राशन कार्ड होगा। साथ ही प्रभावित परिवारों को विस्थापन स्थल भवन भूकंप रोधी बनाने होंगे जिसके लिए वह आपदा विभाग की ओर से प्रशिक्षित राजमिस्त्री का सहयोग लेंगे। ब्लॉक स्तर पर तैनात अवर अभियंता आवासीय भवनों का सत्यापन करेंगे।

एक सप्ताह में तैयार होंगे प्री-फेब्रीकेटेड भवन
जोशीमठ आपदा प्रभावित के लिए मॉडल प्री-फेब्रीकेटेड भवन एक सप्ताह में तैयार किए जाएंगे। इसके लिए जोशीमठ से एक किमी पहले टीसीपी तिराहा के पास उद्यान विभाग की भूमि का चयन किया गया है। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि टीसीपी तिराहा जोशीमठ के पास उद्यान विभाग की भूमि है। सीबीआरआई की ओर से इस भूमि को हरी झंडी दी गई है। एक सप्ताह के भीतर यहां वन-बीएचके, टू-बीएचके और थ्री बीएचके के तीन मॉडल घर तैयार हो जाएंगे। इसके लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है। एजेंसी के लोग बुधवार तक जोशीमठ पहुंच जाएंगे उन्होंने बताया कि स्थायी विस्थापन के लिए चार में एक जगह पीपलकोटी को फाइनल कर दिया गया है। जिला प्रशासन इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता है। सुरक्षित स्थान मिलने पर अंतिम पर उसका चयन किया जाएगा।

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