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JEE Mains Result: कारपेंटर का बेटा आयुष बनेगा इंजीनियर, पढ़ें ऐसे ही होनहानों की कहानी

Sun, 13 Sep 2020 10:34 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 13 Sep 2020 10:34 AM IST
सार

  • आयुष धीमान ने जेईई मेन में पाई 97.70 परसेंटाइल

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JEE Mains result 2020: dehradun Carpenter Son became Engineer, Read Success Stories
आयुष धीमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुश्किल हालात भी दून के एक होनहार के कदम नहीं रोक पाई। कारपेंटर के बेटे आयुष धीमान ने शुक्रवार की रात आए जेईई मेन रिजल्ट में 97.70 परसेंटाइल हासिल की है। आयुष अब आईआईटी में दाखिले की प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस की तैयारियों में जुट गए हैं। 

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गांधीग्राम कांवली रोड निवासी आयुष धीमान के पिता कपिल धीमान कारपेंटर का काम करते हैं। आयुष ने दो साल की मेहनत के बाद इस साल इतना अच्छा स्कोर हासिल किया है। पिछले साल एसजीआरआर तालाब से 12वीं पास करने वाले आयुष ने जेईई मेन में 87 परसेंटाइल हासिल किया था। वह जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए थे। 
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लिहाजा, एक साल और तैयारी करने की ठानी। इस साल मेहनत करके परीक्षा दी और 97.70 परसेंटाइल हासिल किया। आयुष के शिक्षक एवं अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा का कहना है कि भले ही वह सामान्य परिवार से हो लेकिन उसके अंदर आगे बढ़ने की जो चाहत है, वह उसे कामयाब इंजीनियर बनाएगी। उन्होंने अपनी कमजोरियों को पहचानकर परीक्षा दी और इतना अच्छा रिजल्ट हासिल किया। 

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इन्होंने भी इंजीनियर बनने की चाहत में लगाए दो साल

इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन में तमाम ऐसे होनहार भी सामने आए, जिन्होंने मुश्किलों को पार करके अच्छे अंकों की मंजिल हासिल की है। भले ही इसके लिए उन्हें दो साल का इंतजार करना पड़ा हो।

नथुवावाला निवासी स्वर्णिम थपलियाल ने दूसरे प्रयास में 99.50 परसेंटाइल हासिल किए। उन्होंने पिछले साल 90 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की थीं। उनके पिता सीपी थपलियाल प्राइवेट नौकरी करते हैं जबकि मां ग्लेशियर पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं। वहीं, प्रकाश विहार धर्मपुर निवासी न्यासा सिन्हा ने जेईई मेन में 98.86 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। उन्होंने गत वर्ष दून इंटरनेशनल स्कूल से 93 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की थी।

पिछले साल भी जेईई-मेन और एडवांस दिया था। पर एडवांस में 19 हजार रैंक थी और इस कारण अच्छा कॉलेज नहीं मिला। लेकिन न्यासा ने उम्मीद नहीं छोड़ी और इस बार पूरी लगन के साथ तैयारी की। उनकी तमन्ना आइआइटी से इलेक्ट्रिकल या कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की है। उनके पिता अजीत कुमार बैंक में कार्यरत हैं और मां अपर्णा ग्रहणी हैं। छोटी बहन अंशुला सिन्हा अभी 11वीं में पढ़ रही हैं।

डाकपत्थर निवासी नितेश कुमार पाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने पिछले साल विकासनगर से 95 फीसदी अंकों के साथ 12वीं की थी। गत वर्ष भी जेईई-मेन दिया था, पर 85 पर्सेंटाइल ही स्कोर कर सके। स्कोर कम होने के कारण जेईई-एडवांस के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए। पर उन्होंने हार नहीं मानी। लगन व कड़े परिश्रम के बूते इस बार 97.09 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। उनके पिता मनोज कुमार राजकीय इंटर कॉलेज डाकपत्थर में शिक्षका हैं जबकि मांग बरखा गृहिणी हैं।

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