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ITI ने सेमेस्टर परीक्षा में किया बदलाव, जानने के लिए करें क्लिक

Fri, 24 Nov 2017 02:27 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 24 Nov 2017 02:27 PM IST
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ITI changes semester exam
परीक्षा

डायरेक्टर जनरल आफ ट्रेनिंग ने राज्य में ITI की सेमेस्टर परीक्षा को आनलाइन माध्यम से कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद शासन स्तर पर कवायद शुरू हो गई है।

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शासन अपने मौजूदा संसाधनों का आंकलन करने के साथ परीक्षा कराने में निजी क्षेत्र से सहयोग लेने पर भी विचार कर रहा है। प्रदेश में 260 निजी और सरकारी आईटीआई है। इसमें करीब 10 हजार प्रशिक्षु अध्ययन कर रहे हैं।
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वर्तमान में आईटीआई में सेमेस्टर प्रणाली लागू है। इसमें हर छह महीने पर ओएमआर शीट पर प्रशिक्षु को परीक्षा देनी होती है। इसके लिए डीजीटी 32 ट्रेड के अलग-अलग पेपर तैयार कर राज्य को भेजता है।
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इसके बाद पेपर को बैंक के लाकर में रखने, परीक्षा वाले दिन में एग्जाम सेंटर में पहुंचाने और इम्तहान कराने के साथ परिणाम घोषित होने तक की लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता है।

डीजीटी की मंशा है कि परीक्षा की इस व्यवस्था में बदलाव किया जाए। इसके लिए राज्य को मध्य प्रदेश की तर्ज पर सेमेस्टर परीक्षा को आनलाइन कराने का सुझाव दिया है।

15 से 20 दिन में परीक्षा संपन्न होने के साथ ही घोषित होंगे परिणाम

ITI changes semester exam
परीक्षा परिणाम

अगर आनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू होती है, तो 15 से 20 दिन में परीक्षा संपन्न होने के साथ परिणाम घोषित हो जाएंगे। इसमें समय, मैन पॉवर और राशि भी कम लगेगी। डीजीटी के इस निर्देश के बाद शासन अपने संसाधनों की समीक्षा करने और दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहा है।

मौजूदा समय में कंप्यूटर, इंटरनेट की सुविधा आदि आईटीआई में कम है, ऐसे में निजी इंजीनियरिंग कालेजों आदि की मदद लेनी पड़ सकती है। ऐसे में भुगतान आदि कौन करेगा? इसको लेकर भी मंथन किया जा रहा है।

डीजीटी ने सेमेस्टर परीक्षा को आनलाइन माध्यम से कराने का निर्देश दिया है। इस व्यवस्था को लागू करने में तकनीकी संसाधनों की जरूरत होगी। मौजूदा समय में हमारे पास क्या क्षमता है, कितनी बाहर से मदद लेनी होगी समेत सभी बिंदुओं पर आंकलन किया जा रहा है। इसके अलावा परीक्षा कराने में भुगतान आदि को लेकर भी डीजीटी से निर्देश मांगे गए हैं।
-डॉ.पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा

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