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उत्तराखंड में जल्द बनेगा उच्च शिक्षा आयोग, छात्रों को 180 दिन की पढ़ाई करना होगा अनिवार्य

Tue, 30 Jul 2019 09:49 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 30 Jul 2019 09:49 AM IST
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Higher education commission will be set up in Uttarakhand soon
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार के लिए जल्द उच्च शिक्षा आयोग अस्तित्व में आएगा। साथ ही निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए भी अलग से एक्ट लागू किया जाएगा। सोमवार को उत्तराखंड तकनीकी विवि में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय चर्चा में पहुंचे उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यह जानकारी दी।

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इस दौरान डॉ. रावत ने कहा कि देश में सरकार जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने जा रही है, उसके कई पहलुओं पर वह पहले ही शुरुआत कर चुके हैं। इस साल से तय कर दिया गया है कि यदि कोई छात्र 180 दिन की पढ़ाई पूरी नहीं करेगा तो उसे किसी भी कीमत पर परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।
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इसके लिए छात्रसंघ चुनावों के तुरंत बाद प्रदेशभर के प्रिंसिपल की बैठक होने जा रही है। सभी निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए भी सरकार एक्ट लाने जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना होने जा रही है।

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अब छात्रों के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी

इसकी काफी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जल्द एक्ट पास करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दूसरी ओर, सरकार इस साल से विश्वविद्यालयों में गढ़वाली और कुमाऊंनी के स्टडी सेंटर भी खोलने जा रही है। 

प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में पिछले साल ड्रेस कोड लागू करने के बाद इस साल से सरकार छात्रों के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी की शुरुआत करने जा रही है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि कुछ मॉडल कॉलेजों से इसकी शुरुआत की जाएगी। ताकि 180 दिन की उपस्थिति अनिवार्य तौर पर लागू की जा सके।

इस साल से सुपर-50
प्रदेश में पिछले साल तक सरकार सुपर-30 योजना चला रही थी। इसमें देहरादून, द्वाराहाट और श्रीनगर से 30-30 छात्रों को मुफ्त मेडिकल-इंजीनियरिंग की कोचिंग दी जा रही थी। इस साल से इसका क्राइटेरिया बढ़ाकर 50-50 छात्रों का कर दिया है। प्रदेश के 150 छात्रों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी।

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