खुशखबर: समूह ‘ग’ भर्ती के लिए तय होंगे नए मानक, यह अनिवार्यता कर दी खत्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समूह ‘ग’ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए राज्य सरकार अब पात्रता के नए मानक तलाश रही है। कार्मिक विभाग ने इस बारे में राज्य पलायन आयोग से सुक्षाव मांगे हैं।
साथ ही झारखंड और मणिपुर जैसे राज्यों की भर्ती नियमावली का अध्ययन भी किया जा रहा है। हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद सरकार के सामने इन पदों पर स्थानीय युवाओं को ज्यादा अवसर उपलब्ध कराने की चुनौती है।
सेवायोजन दफ्तर में पंजीकरण की पात्रता तय थी
दरअसल, अभी तक सरकार ने समूह ‘ग’ पदों की भर्ती के लिए सेवायोजन दफ्तर में पंजीकरण की पात्रता तय कर रखी थी। इस पंजीकरण के लिए उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना जरूरी था। ऐसे में इन पदों के लिए एक तरह से उत्तराखंड निवासी युवा ही आवेदन के पात्र थे।
लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में समूह ‘ग’ पदों की भर्ती के लिए तय मानक सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब इन पदों के लिए उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
पात्रता मानकों के लिए आधार तैयार करने की कवायद शुरू
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सरकार ने पात्रता मानकों के लिए आधार तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। सरकार की मंशा यही है कि इन पदों के लिए उत्तराखंड के युवाओं को ज्यादा अवसर मिल सकें। कार्मिक विभाग के सूत्रों के मुताबिक झारखंड और मणिपुर राज्यों में इन पदों की भर्ती नियमावली का अध्ययन किया गया।
झारखंड राज्य ने भर्ती पात्रता के लिए विशेष समिति का गठन किया था। इस समिति की सिफारिश पर वहां के 10 जिलों को अधिसूचित कर स्थानीय युवाओं को भर्ती में वरीयता दी गई है। इसी तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी पात्रता मानक तय करने के लिए मजबूत आधार तलाश रही है।
पलायन आयोग से इस संबंध में राय मांगी
समूह ग पदों की भर्ती की पात्रता के संबंध में कार्मिक विभाग ने आयोग से राय मांगी थी। आयोग ने कुछ दिन पहले ही राय शासन को भेज दी है।
-एसएस नेगी, अध्यक्ष, राज्य पलायन आयोग