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ग्राफिक एरा के दीक्षांत में पहुंची 'दंगल' फेम बबीता फोगाट, पहलवान महावीर सिंह फोगाट को दी मानद उपाधि

Sat, 15 Dec 2018 11:44 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 15 Dec 2018 11:44 AM IST
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Graphic Era Deemed University's Ninth Convocation
कार्यक्रम में मौजूद बबीता फोगाट - फोटो : अमर उजाला

 ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के नौंवें दीक्षांत समारोह में डिग्री और मेडल पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्त्रबुद्धि ने मेधावियों को मेडल और डिग्री प्रदान की। समारोह में पर्यावरणविद् एमसी मेहता और अंतरराष्ट्रीय कोच महावीर सिंह फोगाट को भी पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।

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शनिवार को ग्राफिक एरा डीम्ड विवि के दीक्षांत समारोह का शुभारंभ एआईसीटीई चेयरमैन प्रौ. सहस्त्रबुद्धि, ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला, पर्यावरणविद् एमसी मेहता, अंतरराष्ट्रीय रेसलर बबीता फोगाट, अंतरराष्ट्रीय कोच महावीर सिंह फोगाट ने किया। समारोह में रेसलर बबीता फोगाट को विवि का ब्रांड एंबेसेडर नियुक्त किया गया। इससे पूर्व पर्यावरणविद् एमसी मेहता और अंतरराष्ट्रीय कोच महावीर सिंह फोगाट को ग्राफिक एरा ने पीएचडी की उपाधि प्रदान की। समारोह में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और बायोटेक के 27 छात्रों को पीएचडी अवार्ड की गई।
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इसके अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर के 2103 छात्रों को उपाधियों से अलंकृत किया गया। एआईसीटीई चेयरमैन प्रो. सहस्त्रबुद्धि ने सभी छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विश्व में आर्थिक और सामाजिक क्रांति लाने के लिए ज्ञान को नई पहल और खोजों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने ग्राफि क एरा में 50 फीसदी छात्राएं होने के बावजूद 63 प्रतिशत गोल्ड मेडल छात्राओं को मिलने को महिलाओं के लिए अच्छी व्यवस्था होने का प्रमाण बताया। उन्होंने ग्राफि क एरा में शोध कार्यों पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की सराहना की।
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ग्राफि क एरा ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि शोध को किताबों तक सीमित रखने के बजाय धरातल पर उतारा जाना चाहिए। विवि के चांसलर डॉ. आरसी जोशी ने कहा कि रचनात्मकता, कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और योग्यता के जरिए किसी भी लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। कुलपति डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने ग्राफि क एरा को नॉर्थ इंडिया में सर्वाधिक स्कोर के साथ नैक से ग्रेड मिलने व केंद्र की शीर्ष 150 विवि की सूची में स्थान मिलने का उल्लेख करते हुए छात्रों को शपथ दिलाई।

2017 बैच के गोल्ड मेडलिस्ट : दिव्या खरे, रजनीश कुमार पांडेय, नितीश आर्य, नितिन बेला, आलोक कुमार यादव, अंशुल कुमार, प्रांजली नौटियाल, स्वेता, इशिता उनियाल, स्वाति भंडारी, समरीन, तुषार गुप्ता, राशि रावत, अनुश्रेय कुमार, दीक्षा रावत, मनीषा, तुलिका रावत, सुष्मिता गुप्ता, वर्षा सिंघल, अपर्णा सिन्हा, सचिन नेगी, मोहक गर्ग, मानसी गर्ग, सुयश कुमार सिंह, सना गोयल, संजना भटनागर, पाल्मी गुप्ता, सभ्या मौर्य, शिवानी बलोदी, सुरभि वर्मा।
2018 बैच के गोल्ड मेडलिस्ट : सोनाली गुप्ता, किरन कुमाईं, जितेंद्र पांडेय, प्रशांत कुमार, रूशाली पंत, मृणालिनी शैली, तरुण तिवारी, बिपिन सिंह असवाल, शीतल कपूर, पलक संगल, प्रियंका चावला, गुरप्रीत कौर, निशा मिश्रा, मोहन दत्त भट्ट, शिवानी रोहिला, शिवानी सिंघल, श्रेया उपाध्याय, उमंग वर्मा, गौरव जिंदल, अमित दयाल, शिवम मिश्रा, गीतिका अदलखा, आरती ठाकुर, अंकुर श्रीवास्तव, तान्या नेगी, राहुल त्रेहान, अंजली ध्रुतवाल, काजल कोठियाल।


स्मृति चिह्न के बजाए पौधे रोपे
ग्राफिक एरा के दीक्षांत समारोह में पहुंचे एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धि ने समारोहों में स्मृति चिह्न देने के बजाए पौधे रोपने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह कागज, लकड़ी, प्लास्टिक आदि के प्रयोग को कम करने में मदद मिलेगी। उन्हाेंने कहा कि एक सादे कागज पर सम्मान स्वरूप पौधा रोपने का उल्लेख किया जा सकता है। इस पेपर पर क्यूआर कोड भी डाल दिया जाए तो पौधा रोपने वाले कभी भी उस पौधे की स्थिति और विकास को खुद देख सकेंगे। इसके साथ ही हर छह माह बाद वेब पेज पर उस पौधे की नई फ ोटो डाली जा सकती है। उन्होंने विवि में रुद्राक्ष और जैसमीन का पौधा रोपा।

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