अच्छी खबर: अब एक क्लिक पर घर बैठे मिलेगी डिग्री और मार्कशीट, यहां मिलेगी सुविधा
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श्रीदेव सुमन विवि के छात्रों को अब अंकतालिका और उपाधि (डिग्री) घर बैठे ही एक क्लिक पर मिल जाएगी। इसके लिए छात्र-छात्राओं को ऑन लाइन आवेदन कर शुल्क जमा करना होगा। अगले शिक्षा सत्र से विवि से संबद्ध कॉलेजों में चार वर्षीय इंटिग्रेटेड बीए, बीएससी और बीएड कोर्स व तीन वर्षीय बीकॉम ऑनर्स कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। विवि के शिक्षणेतर कर्मचारियों की सेवा नियमावली तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
सोमवार को विवि मुख्यालय बादशाहीथौल में कुलपति डा. यूएस रावत की अध्यक्षता में विवि की प्रथम कार्य परिषद (ईसी) की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। राजकीय महाविद्यालयों में पांच साल से अस्थायी रूप से संचालित पाठ्यक्रमों को स्थायी संबद्धता देने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। विषय विशेषज्ञ इसी सत्र में महाविद्यालयों के निरीक्षण के बाद संबद्धता देंगे।
वर्ष 2017 में पास आउट हुए छात्रों को उपाधि देने के लिए विवि का दूसरा दीक्षांत समारोह अक्तूबर में आयोजित किया जाएगा। विवि में मानव संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए बैठक में स्थायी नियुक्ति होने तक आठ दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर ईसी सदस्यों ने कहा कि नियुक्ति का अनुमोदन शासन से लेना जरूरी है।
उप कुलसचिव दिनेश चंद्र को परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार देने, विवि के संबद्धता के लिए व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में 35 लाख, सामान्य पाठ्यक्रमों के लिए 15 लाख की सिक्योरिटी मनी को छह माह में किश्त के रूप में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी, पदोन्नति के पदों को प्रतिनियुक्ति से भरने, परीक्षा कार्यों के लिए अनुबंध पर एक बोलेरो और एक यूटीलिट वाहन लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
पीजी कॉलेज गोपेश्वर को विवि का कैंपस कॉलेज बनाए जाने के बाद वहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों से विकल्प मांगे गए हैं, जिसका प्रस्ताव उच्च शिक्षा निदेशक को भेज दिया गया है। पूर्व में वित्त और शैक्षिक परिषद की बैठकों में लिए गए निर्णयों को ईसी ने हरी झंडी दे दी है।
बैठक में कुलसचिव डा. दीपक भट्ट, उप कुलसचिव दिनेश चंद्रा, जगमोहन भनोट, मदनमोहन सेमवाल, ओपी कुलश्रेष्ठ, केएल मालगुडी, डा. एके तिवारी, डा. वीसी शाह, प्रो. जीएस रजवार, प्रो. एमएस रौतेला, प्रो. पीएस मखलोगा, प्रो. जीसी घिल्डियाल, प्रो. एमएसएम रावत, वित्त अधिकारी स्मृति खंडूरी उपस्थित रहे।