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बदहाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी : परीक्षा तो हो जाएगी, लेकिन रिजल्ट का ठिकाना नहीं

Tue, 15 Oct 2019 02:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 15 Oct 2019 02:58 PM IST
सार

  • गढ़वाल विश्वविद्यालय के बदहाल सिस्टम से छात्र परेशान
  • बीएड में तीसरे सेमेस्टर की पढ़ाई, रिजल्ट एक भी नहीं
  • एनआरआई कोटे के बीएड छात्र एक साल से रिजल्ट के इंतजार में

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garhwal university examination will held, but result will not announced
गढ़वाल विश्वविद्यालय - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय बदहाल है। परीक्षा होती है तो रिजल्ट नहीं आते। रिजल्ट आते हैं तो गलतियां छात्रों के लिए मुसीबत बन जाती हैं। हालात यह हैं कि एक-एक साल बाद भी कई पाठ्यक्रमों की परीक्षा के रिजल्ट ही जारी नहीं हो पाए हैं।

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तीसरा सेमेस्टर शुरू, रिजल्ट एक का भी नहीं

गढ़वाल विवि के संबद्ध कॉलेजों के छात्र बीएड के रिजल्ट को लेकर परेशान हैं। पहले सेमेस्टर की परीक्षा दी तो बिना रिजल्ट आए ही दूसरे सेमेस्टर में दाखिला ले लिया। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं दी तो बिना रिजल्ट आए ही तीसरे सेमेस्टर में एडमिशन ले लिया। अब तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं आने वाली हैं। छात्र, विवि के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कोई जवाब देने वाला ही नहीं है।
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एक साल बीत गया, रिजल्ट कब आएगा?

गढ़वाल विवि के कॉलेजों में एनआरआई कोटे के तहत बीएड करने वाले छात्र एक साल से भटक रहे हैं। इन छात्रों की परीक्षाएं तो विवि ने करा दी थी लेकिन रिजल्ट जारी नहीं किया था। छात्र हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने विवि को रिजल्ट जारी करने के आदेश तो दिए लेकिन एक साल बीत गया रिजल्ट नहीं आया।
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रिजल्ट आया, लेकिन गलतियों की भरमार

विवि के कई कोर्स के छात्र रिजल्ट आने से खुश तो हुए थे लेकिन गलतियां देखकर उनकी परेशानी बढ़ गई। किसी छात्र को अनुपस्थित दिखा दिया गया है तो किसी छात्र के नंबर ही नहीं चढ़े हैं। छात्र अब कॉलेज और विश्वविद्यालयों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।

विवि स्तर से जो दिक्कतें हैं, हम उन्हें दूर कर रहे हैं। कॉलेजों के स्तर पर बड़े पैमाने पर लापरवाही की जा रही है। कॉलेज छात्रों के इंटरनल मार्क्स व अन्य जानकारियां सही नहीं भेजते हैं, जिसकी वजह से रिजल्ट जारी नहीं कर पाते हैं। दूसरी दिक्कत आजकल रोड चौड़ीकरण की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित होने और कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में होने की वजह से आ रही है। हमने कॉलेजों को भी लिखा है। सभी कॉलेजों के छात्र हमारे छात्र हैं। हम किसी का बुरा नहीं चाहते।
-डॉ. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति, गढ़वाल विवि

गढ़वाल विवि की कार्यप्रणाली लचर हो चुकी है। तमाम ऐसे कोर्स हैं, जिनकी परीक्षाओं को लंबा समय बीत गया। कॉलेज इंटरनल परीक्षाओं के अंक भेज देते हैं लेकिन विवि अपलोड ही नहीं करता। छात्र परेशान हैं। कॉलेज संचालक भी परेशान हैं।

-डॉ. सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट

यूनिवर्सिटी की ओर से लगातार रिजल्ट जारी करने में देरी की जा रही है। हम कभी कॉलेज और कभी यूनिवर्सिटी के चक्कर काट रहे हैं। कोई हमारी नहीं सुन रहा है। बच्चों का भविष्य खराब होगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
-विपिन काम्बोज, वरिष्ठ छात्र नेता, एसजीआरआर पीजी कॉलेज

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