उत्तराखंड: प्रदेश में खुलेंगे पांच नए केंद्रीय विद्यालय, एचआरडी मंत्री निशंक ने दिए निर्देश
प्रदेश में जल्द ही पांच नए केंद्रीय विद्यालय अस्तित्व में आएंगे। इस बाबत केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सीबीएसई, एनआईटी, जेएनवी, केविएस, एनआईओएस, इग्नू के अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रणनीति तय की गई।
सीबीएसई के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ओएनजीसी तेल भवन परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके बाद उन्होंने सीबीएसई की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। चर्चा के दौरान डॉ. निशंक ने सीबीएसई चेयरमैन से फोन पर वार्ता कर तीन माह के भीतर देहरादून में क्षेत्रीय कार्यालय की बिल्डिंग का शिलान्यास करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय विद्यालयों का मुद्दा प्रमुखता से उठा।
केंद्रीय विद्यालयों में 187 पदों के सापेक्ष अभी तक केवल 60 प्रतिशत ने ज्वाइन किया है। इनमें से 40 प्रतिशत ने ज्वाइन नहीं किया है। इस पर मंत्री ने उनकी जगह दूसरों को मौका देने की बात कही। इसके अलावा गौचर, बनबसा, हल्द्वानी, श्रीनगर और ऋषिकेश में केंद्रीय विद्यालय के लिए मुख्य सचिव को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सभी केंद्रीय संस्थानों के अधिकारी मौजूद रहे।
एनआईटी में केवि खुलेगा
एनआईटी परिसर में केंद्रीय विद्यालय भी खोला जाएगा। इसके लिए डॉ. निशंक ने प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगस्त्यमुनि, बागेश्वर, भीमताल, गोपेश्वर, ग्वालदम, खटीमा, लोहाघाटा, नई टिहरी में जल्द ही केवि का स्थायी निर्माण करने का आदेश दिया है।
इग्नू, एनआईओएस की होगी अपनी जमीन
राजधानी में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की अपनी जमीन होगी। इग्नू और एनआईओएस के क्षेत्रीय कार्यालय लंबे समय से प्रदेश में किराए की बिल्डिंग में चल रहे हैं। इस संबंध में मंत्री डॉ. निशंक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।
जेएनवी का बनेगा क्षेत्रीय कार्यालय
प्रदेश में चल रहे जवाहर नवोदय विद्यालयों का क्षेत्रीय केंद्र फिलहाल लखनऊ में है। इस वजह से उन्हें किसी भी काम के लिए लखनऊ की दौड़ लगानी पड़ती है। एचआरडी मंत्री डॉ. निशंक ने इस संबंध में जेएनवी के आला अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्होंने जल्द ही उत्तराखंड में जेएनवी का क्षेत्रीय केंद्र खोलने के निर्देश जारी किए हैं।