ड्राईवर की बेटी ने CBSE 12th में रची कामयाबी की इबारत
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पिता का पेशा टैक्सी ड्राईवर, कमाई इतनी नहीं कि प्राइवेट स्कूल में बेटी को पढ़ा सकें लेकिन सपना जरूर है एक दिन बेटी को कामयाब देखने का।
वह सपना रविवार को जैसे ही सीबीएसई का रिजल्ट आया तो पूरा हो गया। रिद्धी ने 12वीं में 95.4 प्रतिशत अंक हासिल कर मिसाल कायम की है।
दून निवासी टैक्सी ड्राइवर सुरेश कुमार शर्मा खुद पढ़ाई न कर पाने की वजह से निराश जरूर थे लेकिन उन्होंने अपना सपना अपनी बेटी रिद्धी में देखा। उसे अच्छी तालीम देने की ठानी लेकिन पैसा न होने से परेशानी हुई।
रिद्धी ने 95.4 प्रतिशत अंक हासिल किए
जिंप पायनियर स्कूल में गए तो शिक्षकों ने साथ दिया। प्रिंसिपल ने फीस माफ की। रिद्धी ने पढ़ाई शुरू कर दी। रविवार को जब रिजल्ट आया तो रिद्धी ने 95.4 प्रतिशत अंक हासिल किए।
इसके साथ ही रिद्धी ने एक मिसाल भी कायम की है, उन परिवारों के लिए जो कि बेटियों को पढ़ाई से दूर रखते हैं। रिद्धी उनके लिए भी मिसाल है जो कि हालात से हारकर बेटियों को अच्छी शिक्षा से दूर कर देते हैं।
रिद्धी अब कामयाब पुलिस अधिकारी बनना चाहती है। ग्रेजुएशन के साथ ही वह तैयारी भी शुरू कर देंगी। रिद्धी के स्कूल प्रिंसिपल जगदीश पांडेय ने बताया कि वह हमेशा से ही पढ़ाई में गंभीरता से तैयारी करती थी। वह हमेशा अपनी क्लास में अव्वल आई।
उसे वेकेशन में भी स्कूल शिक्षकों ने अलग से पढ़ाया, जिसका नतीजा आज इतने अच्छे परिणाम के तौर पर सामने है। रिद्धी का कहना है कि शिक्षकों के सही मार्गदर्शन के तहत अगर आप जरा भी मेहनत करेंगे तो निश्चित तौर पर सफलता आपके कदम चूमेगी। रिद्धी की इस कामयाबी पर मां शांति शर्मा बेहद खुश हैं।