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आशारोड़ी, चंद्रबनी क्षेत्र से पकड़े गए 60 उत्पाती बंदर
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माय सिटी रिपोर्टर देहरादून राजधानी के अशारोड़ी, चंद्रबनी क्षेत्र में पिछले कई माह से भारी उत्पात मचा रहे बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग की कई टीमों ने दिनभर जबरदस्त धरपकड़ अभियान चलाया। इस दौरान टीमों ने 60 उत्पाती बंदरों को पकड़ लिया जिन्हें पिंजरे में बंदकर हरिद्वार के चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया है। बंदरों को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान मौके पर भारी भीड़ भी जमा रही। इस दौरान कई बंदरों ने वनकर्मियों पर हमला भी बोला। लेकिन गनीमत रही कि हमले में वनकर्मी बाल-बाल बच गए।
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बता दें कि आशारोड़ी व चंद्रबनी क्षेत्र में बंदरों के झुंड ने पिछले कई माह से जबरदस्त आतंक मचा रखा था। उत्पाती बंदरों द्वारा ना सिर्फ राहगीरों पर कई बार हमला बोला गया, वरन आसपास के घरों में भी जमकर नुकसान पहुंचाया गया। आखिरकार प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान के निर्देश पर शनिवार को कई टीमों ने बंदरों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। बंदरों को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर पिजड़े लगाए गए। पूरे दिन भर चलाए गए अभियान के दौरान 60 उत्पाती बंदरों को पकड़ा गया। जिन्हें बाद में हरिद्वार के चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान के मुताबिक अभियान के दौरान कुछ बंदरों ने वनकर्मियों पर हमला बोला लेकिन गनीमत रही कि हमले में वनकर्मी बाल-बाल बच गए।
बता दें कि राजधानी व आसपास के इलाकों में भारी संख्या में बंदर हैं। जो आए दिन उत्पात मचाते रहते हैं इन बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग की रेस्क्यू टीम द्वारा समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच माह के भीतर 500 से अधिक बंदरों को पकड़कर हरिद्वार चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इन बंदरों को जब रेस्क्यू सेंटर द्वारा राजाजी टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में छोड़ा जाता है तो बंदर जंगलों से होते हुए दोबारा राजधानी और आसपास के इलाकों में पहुंच रहे हैं जो वन विभाग के साथ ही लोगों के लिए मुसीबत देने वाला है।
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