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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2020: 21 जून से पहले सैनिटाइज होंगे सभी परीक्षा केंद्र, हाईकोर्ट ने भी दिए निर्देश

Fri, 19 Jun 2020 11:23 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 19 Jun 2020 11:23 PM IST
सार

  • 22 से 25 जून तक होनी है उत्तराखंड बोर्ड के छूटे हुए विषयों की परीक्षा
  • हाईकोर्ट ने दिए परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज निर्देश

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Coronavirus in Uttarakhand: Exam Centers to be Sanitized till 21st june for Board exams 2020
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

22 जून से होने वाली उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा के लिए सभी केंद्रों को 21 जून तक सैनिटाइज कर लिया जाएगा। सभी बीईओ को परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज करने का शपथपत्र सीईओ कार्यालय में देना होगा। शुक्रवार को अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने इसके निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि परीक्षा में सभी छात्रों और कार्मिकों को अनिवार्य रूप मास्क या फेस शील्ड पहनना होगा। मेन गेट पर सभी छात्रों और स्टाफ की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। यदि किसी कार्मिक का तापमान ज्यादा मिलता है, तो उसे तुरंत अवमुक्त कर दूसरे कार्मिक की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं, अगर किसी छात्र का तापमान ज्यादा मिले तो उसे अलग कक्ष में बैठाकर परीक्षा ली जाएगी। 
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक कमरे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बच्चों को बैठाया जाएगा। यदि बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त कमरे न हों तो नजदीक के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय का अधिग्रहण कर परीक्षा कराई जाएगी। अतिरिक्त कक्ष लगाए जाने पर प्रत्येक कमरे में दो के बजाय एक ही शिक्षक की ड्यूटी लगाई जा सकती है।
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उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन के छात्रों की परीक्षा बाद में कराई जाएगी। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को ऐसे छात्रों का ब्योरा बीईओ के माध्यम  से सीईओ कार्यालय को भेजना होगा। बैठक में डीईओ माध्यमिक यशवंत सिंह चौधरी और बेसिक राजेंद्र सिंह रावत भी शामिल रहे।

हाईकोर्ट ने दिए परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज निर्देश

हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि बोर्ड की शेष बची हुई परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षा केंद्रों (स्कूल बिल्डिंग, चेयर-डेस्क, टॉयलेट, वाटर फिल्टर आदि) को पूरी तरह से सैनिटाइज कराएं। 

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, हरिद्वार निवासी सच्चिदानंद डबराल और अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार बोर्ड के बचे हुए पेपर 23 जून से 25 जून तक कराने जा रही है। जिन केंद्रों में परीक्षाएं कराईं जा रहीं हैं उन केंद्रों को सरकार ने क्वारंटनी सेंटर बनाया हुआ है। इन सेंटरों को पूरी तरह से सैनिटाइज तक नहीं किया गया है। ऐसे में छात्रों में वायरस के फैलने का खतरा है। याचिकाकर्ताओं ने प्रस्तावित परीक्षाएं रद्द करने की मांग की थी। 

अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने हाईकोर्ट में पूर्व में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कोरोना वायरस से बचने के लिए राज्य सरकार और  केंद्र सरकार मेडिकल कर्मियों की सुरक्षा को लेकर उदासीन है। जो उपकरण मेडिकल कर्मियों को दिए गए हैं वे मानकों के अनुरूप नहीं हैं। उनकी गुणवत्ता निम्न है। वही, हरिद्वार निवासी सच्चिदानन्द डबराल ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रवासियों को उत्तराखंड में वापस ला रही है, लेकिन उनकी जांच बॉर्डर पर नहीं की जा रही है और ना ही बॉर्डर पर उनके खाने-पीने और रहने की ही उचित व्यवस्था की गई है।

एक घंटा पहले आना होगा परीक्षा केंद्र

उतराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शेष रह गईं परीक्षाएं 22 जून से शुरू हो रही हैं। लेकिन इस बार परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले पहुंचना होगा।

उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद की सचिव डॉ.नीता तिवारी के मुताबिक परीक्षा शुरू होने से पहले सभी छात्र-छात्राओं की थर्मल स्कैनिंग होगी, इसके अलावा सैनिटाइजेशन भी किया जाएगा। यही वजह है कि छात्र-छात्राओं को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले बुलाया गया है। बोर्ड की सचिव के मुताबिक यदि किसी छात्र का तापमान सामान्य से अधिक पाया जाता है।

तो संबंधित की परीक्षा के लिए अलग कमरे की व्यवस्था की जाएगी। वहीं यदि किसी कर्मचारी का तापमान सामान्य से अधिक मिला तो संबंधित कर्मचारी को कार्यमुक्त कर ड्यूटी में अन्य कर्मचारी की व्यवस्था करनी होगी। परिषद की सचिव ने कहा कि प्रदेश में जहां कहीं भी कंटेनमेंट जोन बने हैं, वहां परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। सचिव की ओर से इसके अलावा कुछ अन्य निर्देश भी जारी किए गए हैं।

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