कोरोना वायरस: सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए किया बड़ा बदलाव, आज से होगा लागू
- सभी केंद्रों में छात्रों के बीच की दूरी एक मीटर की गई, अतिरिक्त परीक्षा कक्ष बनाने के निर्देश
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कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों पर यह बदलाव मंगलवार से लागू हो जाएगा।
सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह की ओर से पूरे रीजन में सभी परीक्षा केंद्रों को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि बोर्ड के निर्देशानुसार अब सभी परीक्षा केंद्रों में छात्रों के बीच की दूरी कम से कम एक मीटर होनी जरूरी है। अभी तक एक परीक्षा कक्ष में 24 छात्रों के बैठने की व्यवस्था होती थी, जिसे घटाकर 12 तक कर दिया गया है। छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षों में बैठने के इंतजाम करने होंगे।
अगर कक्ष कम पड़ जाएं तो लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, लैब आदि में छात्रों के बैठने का इंतजाम करना होगा। बोर्ड ने तत्काल यह आदेश लागू कर दिया है यानी मंगलवार को होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों के बीच की दूरी एक-एक मीटर होगी। इन निर्देशों का अनुपालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना से घबराएं नहीं, बचाव के लिए सतर्क रहें
कोरोना वायरस को लेकर आमजन इसका यह मतलब कतई न समझें कि इसे लेकर स्थिति बहुत भयावह है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना को लेकर घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। बस इसके संक्रमण को लेकर लेकर सतर्कता और एहतियात जरूरी है। जिससे इसे फैलने से रोका जा सके।
सोसायटी ऑफ पीपुल फॉर डेवलपमेंट के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एमडी) डॉ. बिपिन पोखरियाल ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या हाथ मिलाने, छूने या संक्रमित व्यक्ति के स्राव के संपर्क में आने पर होता है।
इसके अलावा संक्रमित के संपर्क में आने के बाद अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी इसका संक्रमण हो सकता है। अब तक इस वायरस को रोकने वाला कोई टीका या दवा नहीं बनी है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बेहद जरूरी है। कोरोना को लेकर बिल्कुल भी घबराएं नहीं बल्कि एहतियात बरतें। कोरोना से संबंधित लक्षण महसूस होने या दिखने पर तत्काल योग्य डॉक्टर को दिखाएं और डॉक्टर के बताए अनुसार जांच व उपचार कराएं।
ये हैं लक्षण और बचाव के तरीके
बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ
ऐसे करें बचाव
-अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें।
-साबुन-पानी से हर आधे घंटे में हाथ धोते रहें।
-इसी तरह हाथ को सैनेटाइजर से साफ करते रहें।
-छींकने और खांसने के दौरान अपना मुंह जरूर ढंकें।
-प्रयोग के बाद टिशू को तुरंत किसी बंद डिब्बे में फेंक दें।
-जब आपके हाथ स्पष्ट रूप से गंदे न हों, तब भी अपने हाथों को हैंड वॉश से जरूर धोएं।
-अपनी आंखों, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
-जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें।
-जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
-बुखार, खासी, सांस लेने में तकलीफ हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।