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यूओयू की सुस्ती, 27 पाठ्यक्रमों की मान्यता पर अड़ंगा, चार दिन में पूरे करने हैं यूजीसी के मानक

Tue, 13 Nov 2018 01:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Tue, 13 Nov 2018 01:03 PM IST
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confusion on Recognition of  UOU 27 courses
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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में 27 पाठ्यक्रम जल्द शुरू हो पाएंगे, इसे लेकर संशय बना हुआ है। यूजीसी की शर्त है कि इन पाठ्यक्रमों में शिक्षकों की तैनाती बगैर मान्यता नहीं दी जाएगी। यूजीसी ने प्रत्यावेदन करने के लिए यूओयू को 17 नवंबर तक प्रत्यावेदन करने की अनुमति दी है।

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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर कई ऐसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे थे, जिनमें शिक्षक तक नहीं हैं। इसी के चलते यूजीसी ने ऐसे 27 पाठ्यक्रमों को इस सत्र में संचालित करने की मान्यता देने से साफ इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के बार-बार अनुरोध करने पर यूजीसी ने पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए मानक पूर्ण कर प्रत्यावेदन करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर तय की थी।
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हाल यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यूजीसी की चेतावनी देने के बावजूद इस शर्त को अब तक पूर्ण नहीं कर सका है, जबकि यूजीसी में प्रत्यावेदन दाखिल करने में सिर्फ चार दिन शेष हैं। यह मान्यता पांच वर्षों के लिए मिलनी है। अगर इस समय अड़ंगा लग गया तो पांच साल तक ये सभी 27 पाठ्यक्रम नहीं चल पाएंगे। सोमवार को मुक्त विश्वविद्यालय कार्यालय में इस बारे में कोई हलचल दिखाई नहीं दी। अधिकारी दीक्षांत समारोह की तैयारी में अधिक व्यस्त दिखाई दिए।  
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यूजीसी से 27 पाठ्यक्रमों की मान्यता प्राप्त करने के लिए आपत्तियों का समाधान दूर करने की कोशिश की जा रही है। इसी के तहत शिक्षकों के पदों को भरने के लिए अकादमिक परामर्शदाताओं की तैनाती कर रहे हैं। अकादमिक परामर्शदाता पद के अभ्यर्थियों के मौखिक साक्षात्कार 13 और 14 नवंबर को होंगे। इसकी चुनाव आयोग से अनुमति ले ली गई है।
- भरत सिंह, कुलसचिव यूओयू हल्द्वानी

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